सरकारी बैंकों पर म्यूचुअल फंडों का बढ़ा भरोसा, जनवरी में हिस्सेदारी तीन साल के उच्चतम स्तर पर

मुंबई- म्युचुअल फंड्स ने जनवरी में सरकारी बैंकों (PSU Banks) पर भरोसा बढ़ाते हुए इनमें निवेश तेज कर दिया है। इसका नतीजा यह रहा कि इन बैंकों में उनकी हिस्सेदारी तीन साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट के मुताबिक, PSU बैंकों में म्युचुअल फंड्स का आवंटन बढ़कर 3.7 फीसदी हो गया, जो अक्टूबर से दिसंबर 2025 तक 3.4 फीसदी पर स्थिर था। इस तरह मासिक आधार पर इसमें 0.30 पर्सेंट की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सालाना आधार पर देखें तो यह निवेश जनवरी 2025 के 2.8 फीसदी से 0.90 पर्सेंट बढ़ा है, जो सरकारी बैंकों में म्युचुअल फंड्स के मजबूत होते भरोसे और सेक्टर में बढ़ती दिलचस्पी का संकेत देता है।

जनवरी 2024 में PSU बैंकों में निवेश करीब 3.2 फीसदी था। फरवरी 2024 में यह बढ़कर 3.5 फीसदी हो गया, जो उस समय का सबसे ऊंचा स्तर था। इसके बाद निवेश में गिरावट आई और सितंबर 2024 में यह घटकर लगभग 2.6 फीसदी रह गया। जुलाई 2024 से जून 2025 के बीच निवेश ज्यादातर 2.8 फीसदी से 2.9 फीसदी के बीच स्थिर रहा। सितंबर 2025 से फिर से बढ़त शुरू हुई। सितंबर 2025 में यह 3.3 फीसदी तक पहुंच गया। नवंबर और दिसंबर 2025 में निवेश और बढ़ा। आखिर में जनवरी 2026 में PSU बैंकों में म्युचुअल फंड्स का निवेश 3.7 फीसदी हो गया। यह तीन साल का सबसे ऊंचा स्तर है।

जनवरी 2026 में प्राइवेट बैंकों में म्युचुअल फंड्स निवेश की हिस्सेदारी बढ़कर 18.2 फीसदी हो गई, जो आठ महीने का सबसे ऊंचा स्तर है। इसमें मासिक आधार पर 60 बेसिस प्वाइंट और सालाना आधार पर 110 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जनवरी 2026 में म्युचुअल फंड्स ने प्राइवेट और पीएसयू बैंकों, यूटिलिटीज, टेक्नोलॉजी, कैपिटल गुड्स, मेटल्स और सीमेंट सेक्टर में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई, जिससे इन सेक्टरों में उनकी हिस्सेदारी मासिक आधार पर बढ़ी।

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