भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता: 10 साल में यूरोप को जाने वाले 93% भारतीय सामानों पर शून्य शुल्क, कार और शराब सस्ती होने के आसार
मुंबई- भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के बीच 18 साल की लंबी बातचीत के बाद मंगलवार को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) हो गया है। भारत और यूरोपियन यूनियन के नेताओं ने मंगलवार को 16वें भारत-EU समिट के दौरान इसका ऐलान किया। यह समझौता हाल के सालों के सबसे बड़े वैश्विक व्यापार सौदों में से एक माना जा रहा है। इस समझौते के साथ भारत और EU के बीच व्यापार के दरवाजे पहले से कहीं ज्यादा खुल जाएंगे।
EU ने भारत से आने वाले लगभग 99.5 प्रतिशत सामानों पर आयात शुल्क कम करने या पूरी तरह खत्म करने का फैसला किया है। इसके बदले भारत भी EU से आने वाले 97 प्रतिशत उत्पादों पर टैक्स में राहत देगा। समझौता लागू होते ही भारत अपने और EU के बीच होने वाले व्यापार के 30 प्रतिशत हिस्से पर शुल्क शून्य कर देगा। अगले 10 सालों में यह दायरा बढ़ते हुए 93 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। दूसरी ओर EU पहले ही दिन से भारत के 90 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क हटा देगा, जबकि बाकी शुल्क सात साल में खत्म होंगे।
इस समझौते को 2027 में लागू किए जाने की संभावना है। इस डील के बाद भारत में इम्पोर्ट होने वाली यूरोपीय कारें जैसे कि BMW, मर्सिडीज पर लगने वाले टैक्स को 110% से घटाकर 10% कर दिया जाएगा। इसके अलावा भारत में यूरोप से आने वाली शराब और वाइन पर टैक्स कम हो सकता है। यूरोपीय देशों की शराब पर अभी 150% टैरिफ लगता है। इसे घटाकर 20–30% किया जाएगा। भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जबकि EU दूसरी सबसे बड़ी। दोनों मिलकर वैश्विक GDP का करीब 25% और दुनिया के कुल व्यापार का लगभग एक-तिहाई हिस्सा रखते हैं।
भारत में अब यूरोप से इम्पोर्ट होने वाली कारें सस्ती हो जाएंगी। भारत सरकार ने यूरोप से आने वाली कारों पर लगने वाले इम्पोर्ट ड्यूटी को 110% से घटाकर 10% कर दिया है। हालांकि, सरकार ने इसके लिए 2.5 लाख गाड़ियों की सालाना लिमिट तय की है। ये फैसला भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का हिस्सा है। हालांकि भारत में मर्सिडीज बेंज और BMW की ज्यादातर पॉपुलर कारें पहले से ही लोकल असेंबली के जरिए बनती हैं। यानी पार्ट्स इम्पोर्ट करके यहां जोड़कर बनाई जाती हैं। इन पर इम्पोर्ट ड्यूटी केवल 15-16.5% तक लगती है, इसलिए EU के साथ FTA होने से इनकी कीमत में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा।

