ढाई करोड़ का खरीदा फ्लैट, बालकनी से दिख रहा स्मशान, फंस गए घर खरीदार

मुंबई- गुरुग्राम में लगभग 800 मकान खरीदारों को बिल्डर से धोखा मिलने का मामला सामने आया है। यह मामला गुरुग्राम के सेक्टर 61 में एम3एम बिल्डर के स्मार्ट वर्ल्ड प्रोजेक्ट से जुड़ा है। बिल्‍डर ने एक टाउनशिप को श्मशान के पास और मुख्य सड़क से दूर बेच दिया। घर खरीदारों ने 1.1 करोड़ रुपये से 2.4 करोड़ रुपये तक की यूनिट्स के लिए 90 फीसदी से अधिक पेमेंट कर दिया था। लेकिन, अब उन्हें पता चला है कि उनके फ्लैट्स का मुंह श्मशान की ओर है।

मेन रोड का प्रवेश एंट्री गेट मौजूद नहीं है जिसका वादा किया गया था। यह मामला नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन ( NCDRC) तक पहुंच गया है। इसने बिल्डर को नोटिस जारी किया है। बिल्डर पर आरोप है कि भुगतान लेने के बाद उसने प्रोजेक्ट को ‘ऑर्चर्ड’ और ‘एवेन्यू’ में विभाजित कर दिया। मकान खरीदारों का कहना है कि उन्हें एक इंटीग्रेटेड गेटेड कम्‍युनिटी के रूप में प्रोजेक्ट दिखाया गया था। लेकिन, बाद में पता चला कि भूमि को सार्वजनिक सड़कों से अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया गया है।

दिवस वत्स ने 2022 में इनमें से एक यूनिट में 1.2 करोड़ रुपये का निवेश किया था। उन्‍होंने बताया, ‘हमें निर्माणाधीन फ्लैट दिखाए गए थे। आश्वासन दिया गया था कि वे एक साल के भीतर तैयार हो जाएंगे। हम 2023 में दिवाली अपने नए घर में मना सकेंगे। लेकिन, चार साल बाद भी निर्माण अधूरा है। हमें धोखा दिया गया है।’

मकान खरीदारों ने मार्केटिंग ब्रोशर का हवाला देकर बताया कि उन्‍हें सेक्टर 61 रोड से सीधे एंट्री और ‘हरे भरे क्षेत्रों’ की मौजूदगी के बारे में बताया गया था। पेमेंट के बाद उन्होंने पाया कि उनकी बालकनी श्मशान की ओर खुलती हैं। मेन रोड का एंट्री गेट केवल ‘ग्रीन’ सेगमेंट के फ्लैट्स के लिए है।

एनसीडीआरसी ने 31 जनवरी को मामले की सुनवाई की। बिल्डर को नोटिस जारी करते हुए मकान खरीदारों के खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी। श्मशान भूमि के अलावा खरीदारों ने हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के अंदर ‘त्रुटिपूर्ण’ और ‘अनियोजित’ सड़कों का भी मुद्दा उठाया। एक बीच की रेवेन्‍यू रोड और विभाजित भूमि पार्सल के कारण कुछ ब्लॉकों तक पहुंचने के लिए एक कनेक्टिंग ब्रिज की जरूरत थी।

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