यह है विश्वगुरू भारत, एआई समिट मेंह गैजेट की चोरी, मेहमान घंटों कतार में खड़े रहे

मुंबई- दिल्ली के भारत मंडपम में दुनिया के सबसे बड़े टेक इवेंट में से एक ‘AI इम्पैक्ट समिट 2026’ चल रहा है। पहले दिन हजारों की संख्या में स्टार्टअप फाउंडर्स, टेक एक्सपर्ट्स और विदेशी डेलीगेट्स पहुंचे थे। भारी भीड़ और कड़ी सुरक्षा के कारण एंट्री पॉइंट्स पर लंबी कतारें लग गईं। ग्लोबल टेक कंपनियों के प्रतिनिधि और डेलीगेट्स को घंटों इंतजार करना पड़ा। कुछ के सामान भी चोरी हुए।

केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी AI समिट है। पहले दिन ही 70 हजार से ज्यादा लोग कार्यक्रम में पहुंचे। अब इंतजाम ठीक हैं, लेकिन अगर कल किसी को परेशानी हुई तो हम उसके लिए माफी मांगते हैं। सरकार सुझावों के लिए तैयार है और अनुभव को बेहतर बनाने के लिए एक ‘वॉर रूम’ बनाया गया है जो चौबीसों घंटे काम कर रहा है।

कई एग्जीबिटर्स ने शिकायत की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने से पहले सुरक्षा जांच के नाम पर उन्हें उनके ही स्टॉल से बाहर कर दिया गया। स्टार्टअप ‘नियो सेपियन’ के CEO धनंजय यादव ने आरोप लगाया कि सुरक्षा जांच के लिए जब उन्हें स्टॉल से बाहर भेजा गया, तब उनके कीमती AI वियरेबल्स गायब हो गए।

रिस्किल के फाउंडर पुनीत जैन और एंटरप्रेन्योर प्रियांशु रत्नाकर ने कहा कि पैची वाई-फाई, मोबाइल नेटवर्क की समस्या और रजिस्ट्रेशन में बार-बार हो रही दिक्कतों ने अनुभव खराब किया। VIP मूवमेंट की वजह से उन लोगों को घंटों बाहर खड़ा रखा गया जो देश का AI भविष्य बना रहे हैं।

समिट में हुई अव्यवस्था पर कांग्रेस ने एक पोस्ट किया है। इसमें लिखा- दिल्ली में AI समिट हो रहा है, लेकिन वहां के हालात बहुत ही भयानक हैं। समिट में मिस-मैनेजमेंट से फाउंडर्स और एग्जिबिटर्स बेहद परेशान हैं। उनका कहना है कि PM मोदी के आने के लिए मेन हॉल खाली करा दिया गया और एग्जिबिटर्स को उनके ही पेड स्टॉल्स से निकाल दिया गया।

इसके अलावा समिट में लोगों को कई दिक्कतें झेलनी पड़ीं, जैसे:

  • सिक्योरिटी लैप्स के चलते कई सारे प्रोडक्ट्स चोरी हो गए
  • समिट वेन्यू में इंटरनेट न चलने की वजह से डेमो फेल हो गए
  • फाउंडर्स/एग्जिबिटर्स वेन्यू में एंट्री के लिए घंटों लाइन में खड़े रहे
  • AI और टेक इवेंट में लैपटॉप, बैग, कैमरा, वाटर बॉटल बैन था
  • समिट में पेमेंट मोड सिर्फ कैश रहा, कई एग्जिबिटर्स भूखे रहे

ये सब इसलिए हुआ क्योंकि AI समिट के पहले ही दिन नरेंद्र मोदी अपने लाव-लश्कर के साथ वहां फोटो खिंचवाने और रील बनवाने पहुंच गए। ये दिखाता है कि मोदी को सिर्फ अपनी छवि चमकाने से मतलब है। विश्व स्तर पर देश की इमेज बर्बाद होने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।

जी-20 जैसी सुरक्षा, हजारों सीसीटीवी, फिर भी चोरों ने हाथ कर दिया साफ

भारत मंडपम में चल रहे ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ में संदिग्धों पर नजर रखने के लिए 4 हजार से ज्यादा AI-इनेबल्ड कैमरे और 15 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, सुरक्षा के इंतजाम 2023 में हुए G20 समिट के स्तर के हैं। अकेले कार्यक्रम स्थल पर ही 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

फेस रिकग्निशन सिस्टम: संदिग्धों की तस्वीरों को ‘AI फेस रिकग्निशन सिस्टम’ में फीड किया गया है। अगर ये किसी संवेदनशील जगह के पास दिखते हैं, तो पुलिस को तुरंत अलर्ट मिल जाएगा। कार्यक्रम स्थल पर 6 एंटी-ड्रोन सिस्टम और 4 एयर डिफेंस गन तैनात हैं। पूरे इलाके को 10 जोन में बांटा गया है, जिसकी निगरानी DCP रैंक के अधिकारी कर रहे हैं।

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