काम करने की क्षमता पर 95% कर्मचारियों को भरोसा, लेकिन नौकरी से सिर्फ 64% ही संतुष्ट
मुंबई- देश में 95 फीसदी कर्मचारी अपनी काम करने की क्षमता पर भरोसा करते हैं। लेकिन इनमें से केवल 64 फीसदी ही नौकरी से संतुष्ट हैं। मैनपावरग्रुप इंडिया ने देशभर के 1,000 से ज्यादा कर्मचारियों से बातचीत पर आधारित रिपोर्ट में कहा, काम की दुनिया तेजी से बदल रही है। इस बदलाव के बीच कर्मचारियों का आत्मविश्वास, संतुष्टि और मानसिक स्थिति अलग-अलग स्तर पर नजर आ रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय कर्मचारी अपनी क्षमता को लेकर सबसे ज्यादा आत्मविश्वास दिखाते हैं। लगभग 90 फीसदी कर्मचारियों को करियर में आगे बढ़ने के मौके मिल रहे हैं। 84 फीसदी को प्रमोशन की संभावना दिखाई देती है। 90 फीसदी कर्मचारी एआई के इस्तेमाल को लेकर भी आत्मविश्वास महसूस करते हैं। हालांकि, आज के काम में लोग जितना आत्मविश्वास महसूस कर रहे हैं, उतना ही वे भविष्य को लेकर असमंजस में हैं। यानी आगे चलकर उनकी भूमिका क्या होगी, इसे लेकर चिंता बनी हुई है।
आत्मविश्वास का सीधा असर नौकरी से संतुष्टि और कंपनी के प्रति वफादारी पर नहीं दिख रहा है। इसी वजह से सिर्फ 64 फीसदी ही नौकरी से खुश हैं। 53 फीसदी कर्मचारी रोजाना मध्यम से ज्यादा तनाव महसूस करते हैं। जब नौकरी से संतुष्टि 64 फीसदी को है, तब आधे से ज्यादा कर्मचारी रोज तनाव में रहते हैं। 75 फीसदी कर्मचारियों में काम का ज्यादा बोझ और लंबे काम के घंटे तनाव की वजह बन रहे हैं। कई कर्मचारी अपनी नौकरी छोड़ना नहीं चाहते, लेकिन साथ ही नए मौके भी तलाश रहे हैं।
जेन-जी महिलाओं में तनाव की स्थिति ज्यादा
रिपोर्ट में अलग-अलग वर्गों की स्थिति भी बताई गई है। ब्लू-कॉलर कर्मचारियों में सबसे कम मानसिक और शारीरिक संतुलन देखा गया, जो 68 फीसदी रहा। जेन-जी महिलाओं में रोजाना ज्यादा तनाव की स्थिति सबसे ज्यादा, यानी 64 फीसदी पाई गई। दूसरी ओर, मिडिल मैनेजर्स (95 फीसदी) और व्हाइट-कॉलर व सीनियर मैनेजर्स (94 फीसदी) अपने काम में सबसे ज्यादा मतलब और उद्देश्य महसूस करते हैं। लेकिन यही वर्ग सबसे ज्यादा तनाव में भी रहता है।
एनर्जी-यूटिलिटी में सबसे कमजोर स्थिति
72 फीसदी के साथ एनर्जी और यूटिलिटी सेक्टर में कर्मचारियों की स्थिति सबसे कमजोर रही। हेल्थकेयर (52 फीसदी) और फाइनेंस व रियल एस्टेट (50 फीसदी) सेक्टर में नौकरी को लेकर सुरक्षा की भावना सबसे कम पाई गई। नौकरी खोजने का आत्मविश्वास आईटी सेक्टर (86 फीसदी) और औद्योगिक व मटेरियल सेक्टर (85 फीसदी) में सबसे ज्यादा देखा गया। तकनीक को लेकर आत्मविश्वास में गिरावट सबसे ज्यादा रही। ब्यूरो

