भारी बारिश से गन्ने की पैदावार प्रभावित, देश में चीनी उत्पादन घटने और कीमत बढ़ने की आशंका
मुंबई- प्रमुख उत्पादक राज्यों में भारी वर्षा होने के कारण गन्ने की पैदावार कम होने से देश में चीनी का उत्पादन अनुमान से घटने की संभावना है। इससे दुनिया के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक देश भारत से निर्यात सीमित हो जाएगा।
व्यापारियों और किसानों का कहना है कि भारत को अपने आवंटित निर्यात कोटे का आधा हिस्सा भी निर्यात करने में मुश्किल हो सकती है, जिससे वैश्विक चीनी की कीमतों को समर्थन मिल रहा है जो पांच साल के निचले स्तर के करीब हैं। साथ ही घरेलू कीमतों में भी उछाल आ रहा है। पांच व्यापारिक संगठनों के आंतरिक अनुमानों के अनुसार, सितंबर में समाप्त होने वाले 2025/26 विपणन वर्ष में भारत में 2.85 से 2.9 करोड़ टन चीनी का उत्पादन होने की उम्मीद है।
इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (इस्मा) ने इस वर्ष के लिए 30.95 मिलियन टन उत्पादन का अनुमान लगाया है। एमईआईआर कमोडिटीज इंडिया के प्रबंध निदेशक राहिल शेख ने कहा, सभी प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में गन्ने की पैदावार कम हुई है। महाराष्ट्र और कर्नाटक से लेकर उत्तर प्रदेश और गुजरात तक। इसी वजह से इस सीजन के उत्पादन अनुमान कम हो रहे हैं।
सबसे ज्यादा नुकसान महाराष्ट्र में होने की आशंका है, जो गन्ने का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। वहां उत्पादन पहले के 10.8 मिलियन टन के अनुमान के मुकाबले लगभग 9.6 मिलियन टन रहने का अनुमान है। महाराष्ट्र और पड़ोसी राज्य कर्नाटक के गन्ना उत्पादक क्षेत्रों के लगभग पांच दर्जन किसानों ने बताया कि अत्यधिक बारिश से गन्ने की जड़ों का विकास प्रभावित हुआ और फसल समय से पहले पक गई।
किसानों के कहा, हमें प्रति एकड़ कम से कम 60 टन गन्ने की पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन यह सिर्फ 48 टन ही हुई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र के गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में सितंबर में सामान्य से 115% अधिक बारिश हुई।
राज्य सरकार के एक अधिकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र में इस सीजन में अब तक 90 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है। गन्ने की कमी के कारण पेराई शुरू करने वाली 207 मिलों में से लगभग आधी बंद हो चुकी हैं। मुंबई के एक डीलर ने कहा, चीनी उत्पादन में कमी और अगले महीने से गर्मी के मौसम में मांग में अपेक्षित वृद्धि से कीमतों को समर्थन मिलने की संभावना है।
भारत ने शुक्रवार को पहले से स्वीकृत 15 लाख टन के अलावा 5 लाख टन अतिरिक्त चीनी के निर्यात की अनुमति दी। इससे इस वर्ष का कुल निर्यात कोटा 20 लाख टन हो गया।

