पारंपरिक सॉफ्टवेयर और सेवाओं के आउटडेटेड होने की संभावना से आईटी शेयरों में तबाही

मुंबई- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़ी नई खबर ने निवेशकों में खलबली मचा दी है। इसके चलते आईटी सेक्टर के शेयरों की जबरदस्त पिटाई हुई। इस वजह से आईटी कंपनियों की बाजार पूंजी बुधवार को 1.66 लाख करोड़ रुपये घट कर 29.85 लाख करोड़ से भी कम हो गई। निवेशकों ने इस डर से आईटी शेयरों से पैसा निकालना शुरू कर दिया कि एआई पारंपरिक सॉफ्टवेयर और आईटी सेवाओं को आउटडेटेड कर सकता है।

एआई स्टार्टअप एंथ्रोपिक ने अपने क्लाउड कोवर्क एजेंट के लिए प्लगइन्स लॉन्च किए हैं। इन्हें लीगल, सेल्स, मार्केटिंग और डाटा एनालिसिस जैसे कामों को ऑटोमेट करने के लिए तैयार किया गया है। ट्रेडर्स ने इसे सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (सास) स्टॉक्स के लिए तबाही का नाम दिया है। निवेशकों का मुख्य डर ये है कि एआई से सॉफ्टवेयर और आईटी सेवा देने वाली कंपनियों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ जाएगी। प्राइसिंग पर दबाव डालेगा और उनकी मार्केट पोजीशन कमजोर कर सकता है। ऐसे में निवेश उन टेक कंपनियों से दूर जा रहे हैं, जिन्हें एआई से ज्यादा प्रतिस्पर्धा और मार्जिन दबाव का सामना करना पड़ सकता है।

बुधवार को घरेलू बाजार में इन्फोसिस के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 7 फीसदी से अधिक गिर गए। यह गिरावट अमेरिका की तकनीकी कंपनियों में आई भारी बिकवाली के अनुरूप थी। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के शेयर 6.95 फीसदी, एलटीआई माइंडट्री के शेयर 5.51 फीसदी और हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज के शेयर 4.98 फीसदी तक गिर गए। परसिस्टेंट सिस्टम्स के शेयरों में 4.69 फीसदी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयर में 4.22, टेक महिंद्रा के शेयर में 4.12 और विप्रो के शेयर में 3.73 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

आईटी इंडेक्स 5.49 प्रतिशत गिरा

बीएसई आईटी इंडेक्स 5.49 प्रतिशत गिरकर 35,109.51 पर आ गया। वैश्विक प्रौद्योगिकी शेयरों में आई कमजोरी के चलते आईटी शेयरों में भारी बिकवाली का दबाव देखने को मिला। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा, एआई स्टार्टअप एंथ्रोपिक द्वारा एंड-टू-एंड वर्कफ्लो ऑटोमेशन प्रोडक्टिविटी टूल लॉन्च करने के बाद इस क्षेत्र में सेंटिमेंट बिगड़ गया। इससे यह चिंता फिर से बढ़ गई है कि एआई में तेजी से हो रही प्रगति पारंपरिक सॉफ्टवेयर बिजनेस मॉडल को बाधित कर सकती है और उद्योग की लाभप्रदता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने कहा, एंथ्रोपिक के नए एआई-आधारित स्वचालन उपकरणों की शुरुआत के बाद पारंपरिक आउटसोर्सिंग की मांग में कमी की चिंताओं के बीच आईटी शेयरों में कमजोरी के कारण बाजार की तेजी सीमित रही।

आईटी शेयरों ने रोकी बाजार की बढ़त

आईटी शेयरों ने बाजार को सबसे ज्यादा प्रभावित किया। मंगलवार को हजारों अंकों की बढ़त के बाद बीएसई सेंसेक्स बुधवार को 78.56 अंक बढ़कर 83,817.69 पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी 48.45 अंक बढ़कर 25,776 पर रहा।

2022 के बाद सबसे बड़ी गिरावट

मार्च, 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान आईटी सूचकांक में 9.6 फीसदी तक गिरावट आई थी। पिछले 15 वर्षों में निफ्टी आईटी इंडेक्स में एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट 12 अप्रैल, 2013 को दर्ज की गई थी। फिर 2022 में भी यह इंडेक्स एक ही सत्र में 6 फीसदी गिर गया था।

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