इंडिगो की जांच शुरू, सीसीआई ने कहा जानबूझकर हजारों फ्लाइट कैंसिल किया
मुंबई- कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के खिलाफ ‘अनफेयर बिजनेस प्रैक्टिस’ यानी अनुचित व्यापारिक गतिविधियों को लेकर जांच के आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई दिसंबर में इंडिगो द्वारा हजारों फ्लाइट्स कैंसिल करने और उसके बाद पैदा हुए ऑपरेशनल संकट को देखते हुए की गई है। आयोग का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में फ्लाइट्स रद्द करने से बाजार में उड़ानों की कमी हुई, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई।
CCI ने 16 पन्नों के आदेश में इंडिगो की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आयोग ने कहा कि हजारों फ्लाइट्स कैंसिल करना, जो कि एयरलाइन की कुल क्षमता का एक बड़ा हिस्सा था, एक तरह से बाजार से अपनी सर्विस को रोक लेना है। ऐसा करने से पीक डिमांड के समय उड़ानों की आर्टिफिशियल यानी जानबूझकर कमी पैदा हुई। इससे न केवल यात्रियों के लिए हवाई यात्रा के विकल्प कम हुए, बल्कि कंज्यूमर एक्सेस को भी सीमित कर दिया गया।
इंडिगो के लिए यह संकट दिसंबर की शुरुआत में शुरू हुआ था। 3 से 8 दिसंबर के बीच ही इंडिगो की करीब 4,500 फ्लाइट्स कैंसिल हुई थीं। इसके अलावा करीब 2000 फ्लाइट्स में देरी हुई थी। इसके कारण देशभर के एयरपोर्ट्स पर लाखों यात्री फंसे रहे और उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा। फ्लाइट्स कैंसिल होने के पीछे मुख्य वजह DGCA द्वारा पायलटों के ड्यूटी और रेस्ट (FDTL) नियमों को सख्ती से लागू करना बताया।

