Budget 2026: ITR भरने वालों को बड़ी राहत, 1 अप्रैल से नया इनकम टैक्स कानून, डेडलाइन और नियम बदले

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 पेश करते हुए टैक्सपेयर्स के लिए कई अहम बदलावों का ऐलान किया है। सरकार ने कर व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए नए इनकम टैक्स कानून को लागू करने की समय-सीमा तय कर दी है। इसके साथ ही इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की अंतिम तारीख, रिवाइज्ड रिटर्न की समय-सीमा, विदेश से जुड़े लेन-देन पर टीसीएस और नॉन-रेजिडेंट्स से जुड़े नियमों में भी बदलाव किए गए हैं।

इन घोषणाओं का सीधा असर करोड़ों वेतनभोगी कर्मचारियों, फ्रीलांसरों, छोटे कारोबारियों और विदेश से जुड़े लेन-देन करने वालों पर पड़ेगा। यहां आसान भाषा में समझिए कि बजट 2026 में ITR से जुड़े कौन-कौन से बड़े फैसले लिए गए हैं और उनसे आपको क्या फायदा होगा।

ITR को लेकर बजट 2026 में क्या-क्या बदला

  1. 1 अप्रैल से लागू होगा नया इनकम टैक्स कानून

सरकार ने घोषणा की है कि नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू किया जाएगा। यह मौजूदा इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की जगह लेगा, जिसे लंबे समय से जटिल और बोझिल माना जाता रहा है।

वित्त मंत्री ने कहा कि नए कानून के तहत नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाएगा। इसके लिए नए फॉर्म और नियम जल्द ही अधिसूचित किए जाएंगे ताकि टैक्सपेयर्स को तैयारी का पर्याप्त समय मिल सके।

  1. ITR-1 और ITR-2 की डेडलाइन वही रहेगी

बजट में साफ किया गया है कि वेतनभोगी कर्मचारियों और छोटे निवेशकों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ITR-1 और ITR-2 फॉर्म के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई ही रहेगी।

इससे पहले की तरह टैक्सपेयर्स को वित्त वर्ष खत्म होने के चार महीने के भीतर रिटर्न भरना होगा।

  1. रिवाइज्ड ITR भरने के लिए ज्यादा समय

बजट 2026 में एक अहम राहत देते हुए सरकार ने संशोधित (Revised) ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर अब 31 मार्च कर दी है।

हालांकि, अगर कोई टैक्सपेयर बाद में रिटर्न में बदलाव करता है तो उसे मामूली अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। सरकार का कहना है कि इसका मकसद ईमानदार करदाताओं को गलतियां सुधारने का मौका देना है।

  1. गलत जानकारी देने पर 100% पेनाल्टी

वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इनकम की गलत रिपोर्टिंग (Misreporting of Income) पर 100 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इससे जानबूझकर गलत जानकारी देने वालों पर सख्ती बढ़ेगी।

  1. विदेश यात्रा और विदेशी भुगतान पर TCS घटा

ओवरसीज टूर पैकेज पर टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) की दर घटाकर 2 प्रतिशत कर दी गई है, जो पहले 5 से 20 प्रतिशत तक थी।

इसके अलावा, विदेश में पढ़ाई या इलाज के लिए पैसा भेजने पर लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत भी TCS घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे विदेश जाने वाले छात्रों, मरीजों और यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

अन्य अहम बदलाव
नॉन-रेजिडेंट्स की प्रॉपर्टी बिक्री पर TDS

बजट में प्रावधान किया गया है कि भारत में संपत्ति बेचने वाले नॉन-रेजिडेंट्स पर अब स्रोत पर कर कटौती (TDS) लागू होगी। इससे टैक्स अनुपालन को मजबूत किया जाएगा।

फॉरेन एसेट डिस्क्लोजर स्कीम

छोटे टैक्सपेयर्स के लिए सरकार छह महीने की विशेष योजना लाएगी, जिसके तहत वे अपनी विदेशी संपत्तियों और आय का खुलासा कर सकेंगे। इसका उद्देश्य स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देना है।

सरलीकृत इनकम टैक्स रूल्स जल्द

वित्त मंत्री ने बताया कि नए कानून के साथ-साथ सरल इनकम टैक्स नियम और प्रक्रियाएं भी जल्द नोटिफाई की जाएंगी, ताकि टैक्सपेयर्स को फाइलिंग में कम दिक्कत आए।

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