बजट आज : निवेश और सुधारों पर रहेगी शेयर बाजार के निवेशकों की नजर

मुंबई- रविवार होने के बावजूद शेयर बाजार बजट के अवसर पर खुले रहेंगे। निवेशकों की नजर बाजार पर रहेगी। विश्लेषकों का कहना है कि बजट में निवेश और सुधारों पर फोकस किया गया तो बाजार को सहारा मिल सकता है। केंद्र सरकार वैसे भी इस बार निवेश, विकास, एआई और सुधारों के साथ कई क्षेत्रों में भरपूर बजट आवंटन की योजना बनाई है।

पिछले कई बार के बजट के दिन शेयर बाजार की चाल को देखें तो यह मिला-जुला रहा है। 2021 में जरूर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) सेंसेक्स में 2,315 अंकों की तेजी देखी गई थी, लेकिन इसका कारण यह था कि एक तो कोरोना का समापन हो रहा था। दूसरे बजट में विकास पर जोर दिया गया था। इस बार बजट से पहले देखें तो जनवरी में सेंसेक्स में 3.5 फीसदी की भारी गिरावट आई है। एक जनवरी को सेंसेक्स 85,188 अंक पर बंद हुआ था जो 2,919 अंक गिरकर 30 जनवरी को 82,269 पर आ गया।

इस बार का बजट दुनियाभर के देशों में तनाव और सबसे बड़े व्यापारिक युद्ध के बीच हो रहा है। इसमें प्रमुख रूप से अमेरिकी टैरिफ के चलते देशों के आयात और निर्यात बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए भी बजट में कोई खास योजना निर्यातकों के लिए ला सकती है। कई अन्य देशों में चल रहे मुक्त व्यापार समझौते के तहत अन्य घोषणाओं पर फोकस कर सकती है। हालांकि, 27 देशों वाले यूरोपीय संघ के साथ हुए समझौते से स्थितियां सुधरेंगी, लेकिन इनके लागू होने में अभी कम से कम 12 से 18 महीने का समय लगेगा।

जनवरी में निवेशकों के डूबे 16.90 लाख करोड़

अमेरिकी टैरिफ और कई देशों के साथ व्यापार समझौते में अनिश्चितता के चलते जनवरी में निवेशकों के 16.90 लाख करोड़ रुपये डूब गए हैं। एक जनवरी को बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों की पूंजी 476.92 लाख करोड़ रुपये थी। अब यह घटकर 460.02 लाख करोड़ रुपये पर आ गई है। गिरावट का ज्यादा असर बड़ी कंपनियों के शेयरों की कीमतों पर दिखा है। अमेरिकी नियामक की जांच की संभावना के चलते अदाणी समूह के शेयरों में भारी गिरावट से भी निवेशकों को चपत लगी है।

बाजार में गिरावट क्यों

वैश्विक स्तर पर देशों के बीच तनाव प्रमुख वजह है। कई देशों के साथ टैरिफ और फिर भारत के साथ व्यापार समझौते में अनिश्चितता है। इसमें प्रमुख रूप से यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ अन्य देश हैं। तीसरी तिमाही यानी दिसंबर तिमाही में घरेलू कंपनियों की कमाई बहुत अच्छी नहीं रही है। नए श्रम कानून लागू होने से सभी कंपनियों को अलग से रकम का प्रावधान करना पड़ा है। इससे बैंकिंग, बीमा से लेकर सभी सेक्टर की कंपनियों की कमाई में कमी आई है।

जनवरी, 2025 के बाद विदेशी निवेशकों की रिकॉर्ड बिकवाली

जनवरी में विदेशी निवेशकों ने बाजार से 35,962 करोड़ रुपये निकाले हैं। यह जनवरी, 2025 के 78,027 करोड़ की निकासी के बाद सबसे बड़ी बिकवाली है। जिस तरह के माहौल हैं और वैश्विक स्थितियों का रुझान है, उसमें आगे भी यह निवेशक इस भारी बिकवाली को जारी रख सकते हैं।

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