स्विगी का घाटा 33 प्रतिशत बढ़कर 1,065 करोड़ रुपये के पार पहुंचा
मुंबई-ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी का अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में शुद्ध घाटा सालाना आधार पर 33% बढ़कर ₹1,065 करोड़ रहा। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को ₹799 करोड़ का घाटा हुआ था। कंपनी का घाटा बढ़ने की मुख्य वजह उसके बढ़ते ऑपरेशनल खर्चे हैं, जो 49% बढ़कर ₹7,298 करोड़ हो गए हैं। कंपनी विज्ञापन, नेटवर्क विस्तार और डिलीवरी पर काफी पैसा खर्च कर रही है, जिससे कमाई बढ़ने के बावजूद घाटे में है।
इंस्टामार्ट की ग्रोथ बढ़ी: स्विगी के ‘इंस्टामार्ट’ बिजनेस ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। इसकी कुल बिक्री पिछले साल के मुकाबले दोगुनी (103%) होकर ₹7,938 करोड़ हो गई है। लोग अब न सिर्फ ज्यादा ऑर्डर कर रहे हैं, बल्कि उनके ऑर्डर का साइज भी बड़ा (औसत ₹746) हो गया है। खाना मंगवाने वाले बिजनेस में पिछले 3 साल की सबसे तेज बढ़त देखी गई। इसकी बिक्री 20.5% बढ़ी है। अब हर महीने स्विगी से खाना मंगवाने वाले एक्टिव ग्राहकों की संख्या बढ़कर 1.81 करोड़ हो गई है।
स्विगी ने अपने डार्क स्टोर्स (जहां सामान स्टोर किया जाता है) की संख्या बढ़ाकर 136 कर दी है, जो अब देश के 31 शहरों में फैले हुए हैं। कंपनी ने अपने स्टोर्स का साइज भी बड़ा किया है ताकि ग्राहकों को ज्यादा वैरायटी का सामान मिल सके। रेवेन्यू में 54% की बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 6,148 करोड़ रुपए रहा। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने ₹3,993 करोड़ का रेवेन्यू जनरेट किया था।

