शेयर बाजार में गड़बड़ी होने पर अब ब्रोकर्स और उनकी कंपनी होगी जिम्मेदार

मुंबई- भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने शेयर बाजार में गड़बड़ी करने वाले स्टॉक्स ब्रोकर्स पर नकेल कस दिया है। पहली बार सेबी ने स्टॉक ब्रोकर्स पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाया है। सेबी की ओर से अधिसूचित किए गए नए नियम के अनुसार, बाजार में किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर ब्रोकर्स और उनकी कंपनी जिम्मेदारी होगी।

सेबी की ओर से जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, बाजार का बेजा इस्तेमाल और धोखाधड़ी का पता लगाने और उसकी रोकथाम के लिए ब्रोकरेज फर्म के साथ-साथ उसके वरिष्ठ अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इसके लिए ब्रोकरेज कंपनी को मजबूत निगरानी और नियंत्रण प्रणाली स्थापित करनी होगी। साथ ही स्टॉक ब्रोकर्स को सौदों में समुचित वृद्धि और रिपोर्टिंग की व्यवस्था बनाई जाएगी।

सेबी ने बाजार धोखाधड़ी के संभावित उदाहरणों को बताया है। इसकी निगरानी के लिए ब्रोकर्स सिस्टम को उपाय करने की जरूरत बताई गई है। संभावित मामलों में सौदे की भ्रामक छवि बनाना, भाव में हेराफेरी, फ्रंट रनिभेदिया कारोबार, गलत बिक्री और अनधिकृत सौदे शामिल हो सकते हैं। शेयर ब्रोकर को किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पता लगने के 48 घंटे के भीतर बाजारों को जानकारी देनी होगी। उन्हें संदिग्ध गतिविधि, धोखाधड़ी और बाजार दुरुपयोग के मामलों पर एक विश्लेषण और कार्रवाई रिपोर्ट या ऐसी कोई घटना न होने पर शून्य रिपोर्ट छमाही आधार पर देनी होगी।

शेयर ब्रोकिंग कंपनी को कर्मचारियों और अन्य हितधारकों के लिए संदिग्ध धोखाधड़ी व अनुचित गतिविधियों के बारे में व्हिसलब्लोअर नीति स्थापित और लागू करनी होगी। नीति में व्हिसलब्लोअर की पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रक्रियाएं स्थापित की जानी चाहिए।

सेबी ने खुदरा निवेशकों को आकर्षित करने के लिए डेट प्रतिभूतियों का फेस वैल्यू घटाकर अब 10,000 रुपये कर दिया है। पहले यह एक लाख रुपये होता था। अक्तूबर, 2022 में इसका फेस वैल्यू 10 लाख रुपये से घटाकर एक लाख रुपये किया गया था।

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