रिटायरमेंट स्कीम में लगाइए पैसा, आराम से कट जाएगा करोड़ों में बुढ़ापा

मुंबई- कामकाजी व्यक्तियों के लिए पहला लक्ष्य होता है रिटायरमेंट के बाद जिंदगी ठीक से गुजारने के लिए पर्याप्त रकम का इंतजाम कर लेना। इसके लिए कई विकल्प मौजूद हैं, जिनमें म्युचुल फंड की सेवानिवृत्ति योजनाएं भी शामिल हैं। म्युचुअल फंडों के संगठन असोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार 28 सेवानिवृत्ति योजनाओं में 30 अप्रैल 2024 तक 26,265 करोड़ रुपये पड़े थे। हाल ही में बड़ौदा बीएनपी पारिबा रिटायरमेंट फंड भी इस मैदान में उतर आया है।

लोक भविष्य निधि (पीपीएफ), पेंशन फंड और राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) जैसे विकल्पों का उपयोग करते हुए आप अपना रिटायरमेंट का लक्ष्य पूरा करने के लिए निवेश कर सकते हैं। मगर म्युचुअल फंड सेवानिवृत्ति योजना चुनने से आपको उन शेयरों का फायदा उठाने का मौका मिल जाएगा, जिन्हें अच्छे ढंग से संभाला जा रहा है। इनसे निवेशकों को लचीलापन भी मिलता है।

हर सेवानिवृत्ति योजना में शेयर और बॉन्ड में निवेश का अनुपात बहुत अलग हो सकता है। रिटायरमेंट फंड इक्विटी, डेट और रीट अथवा इनविट जैसी परिसंपत्तियों में निवेश करते हैं। लंबे समय के लिए निवेश करें तो दूसरे विकल्पों के मुकाबले इन पर महंगाई का बहुत कम असर पड़ता है।’ इन फंडों में रकम निवेशक के रिटायर होने तक लॉक रहती है। हां, अगर एक-दो साल में ही रिटायरमेंट है तो कम से कम पांच साल के लिए रकम इसमें रहेगी।

रिटायरमेंट फंड पूरी तरह इक्विटी डायवर्सिफाइड स्कीम भी हो सकते हैं और हाइब्रिड फंड भी हो सकते हैं। मगर रिटायरमेंट का नाम जुड़ने से निवेशकों का नजरिया अलग हो जाता है। ‘रिटायरमेंट फंड निवेशकों को यह तय करने की सुविधा देते हैं कि रिटायर होने पर हर महीने कितनी रकम निकालनी है। कुछ विकल्पों में रिटायर होने पर 40 फीसदी रकम से अनिवार्य तौर पर एन्युटी खरीदने की जरूरत होती है।

रिटायरमेंट फंड सभी आयु वर्गों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। मगर बाजार के उतार-चढ़ाव से बचने और चक्रवृद्धि ब्याज का फायदा उठाने के लिए निवेश जल्द शुरू कर देना चाहिए। ‘चूंकि रिटायरमेंट इकलौता वित्तीय लक्ष्य है, जिसके लिए कोई कर्ज नहीं देता, इसलिए कमाई शुरू होने के साथ ही आपको इसका ख्याल रखना चाहिए। अगर आप सेवानिवृ​त्ति के लिए निवेश देर से शुरू करते हैं तो आप सालाना योगदान बढ़ाकर टॉपअप सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के साथ उपयुक्त रकम हासिल कर सकते हैं।

आम तौर पर ये फंड लंबी अवधि के निवेशकों के लिए उपयुक्त हैं। ऐसे निवेशक बाजार के जोखिम को समझते हैं और उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहते हैं। जो लोग रिटायरमेंट के करीब हैं, वे भी हाइब्रिड परिसंप​त्ति आवंटन वाले फंड चुन सकते हैं।

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