रियल एस्टेट क्षेत्र में 10 वर्षों में मिले 3 करोड़ रोजगार, बिक गए 28 लाख घर

मुंबई- मोदी सरकार के 10 वर्षों में रियल एस्टेट क्षेत्र में तीन करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है। इस क्षेत्र में 2013 में कुल रोजगार 4 करोड़ था जो 2023 में बढ़कर 7.1 करोड़ हो गया है। एनारॉक और नरेडको की रिपोर्ट के अनुसार 2014 से 2023 के बीच शीर्ष सात शहरों में 28.27 लाख मकान बिके हैं। 29.32 लाख नए घर लॉन्च किए गए। मांग बढ़ने से मकानों की कीमतें भी 25 से 60 फीसदी तक बढ़ गईं।

रिपोर्ट के अनुसार, रियल एस्टेट क्षेत्र कुल रोजगार में 18 फीसदी का योगदान देता है। एक दशक में देश की अर्थव्यवस्था शीर्ष पांच में शामिल हो गई है। लगातार तीन वर्षों से सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। ऐसे में आवासीय बाजार भी तेजी दिखा रहा है। 2017 में जहां पूरे देश में मकानों की इन्वेंट्री 41 महीने पर थी, वह अब घटकर 15 महीने पर आ गई है।

2023 तक करीब 4.35 लाख मकान पूरे हुए हैं। 2024 में 5.31 लाख मकान पूरे होने की उम्मीद है। 2017 से कई राज्यों में लागू रेरा ने रियल एस्टेट क्षेत्र में विनियमन लाया। इससे पारदर्शिता बढ़ी और समय पर परियोजनाएं पूरीं हुईं।

2019 में शुरू हुए स्पेशल विंडो फॉर अफोर्डेबल एवं मिड इनकम हाउसिंग (स्वामीह फंड) के तहत 2023 तक 26,000 घर पूरे किए गए हैं। अगले तीन सालों में 80,000 घर पूरे होने की उम्मीद है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2030 तक आवासीय क्षेत्र का आकार एक लाख करोड़ डॉलर यानी करीब 83 लाख करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। यह जीडीपी में 13 फीसदी का योगदान करेगा।

गोदरेज प्रॉपर्टीज ने गुरुग्राम सेक्टर 89 में में तीन दिन में 3,000 करोड़ रुपये के 1,050 मकान बेचे हैं। गुरुग्राम के ही गोल्फ कोर्स में 2,875 करोड़ रुपये के मकान बेचे हैं। इसने मुंबई के कांदिवली इलाके में चौथी तिमाही में 2,690 करोड़ रुपये के घर बेचे हैं।

प्रेस्टिज एस्टेट की बिक्री 2023-24 में 21,040 करोड़ रुपये रही है। एक साल पहले की तुलना में यह 63 फीसदी अधिक है। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया कि यह उसकी अब तक की सबसे ज्यादा बिक्री है। कीस्टोन रियल्टर्स ने वित्त वर्ष 2024 में 2,266 करोड़ रुपये के मकान बेचे हैं। एक साल पहले के 1,604 करोड़ की तुलना में यह 41 फीसदी अधिक है।

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