पीएम किसान के तहत सालाना रकम 50 फीसदी बढ़कर हो सकती है 9000

मुंबई- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि या पीएम-किसान के लाभार्थियों को आने वाले बजट में सरकार बड़ा तोहफा दे सकती है। इसके तहत किसानों को मिलने वाली रकम को करीब 50 फीसदी बढ़ाए जाने का अनुमान है। कुछ अर्थशास्त्रियों का कहना है कि इस रकम को सालाना 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये किया जा सकता है।

पीएम-किसान योजना 2019 में शुरू की गई थी। इसका मकसद छोटे और सीमांत किसानों की आय में बढ़ोतरी करना है। योजना के तहत पात्र किसानों के खातों में हर साल 6,000 की राशि तीन किश्तों में डाली जाती है। किसान सम्‍मान निधि के जरिये सरकार बजट में आगामी लोकसभा चुनावों को भी साधेगी। गांवों की बड़ी आबादी को इस स्‍कीम से सीधा फायदा मिला है। यह तीसरी बार मोदी सरकार के लिए केंद्र की सत्‍ता में वापसी का रास्‍ता खोलने का माद्दा रखती है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को अंतरिम बजट पेश करने वाली हैं। लोकसभा चुनावों से पहले पेश हो रहे इस बजट के लोकलुभावन रहने की काफी उम्‍मीदें हैं। 2019 में पीएम-किसान की शुरुआत से यह काफी लोकप्रिय रही है। इस स्‍कीम को छोटे और सीमांत किसानों की आय में बढ़ोतरी के मकसद से सरकार ने शुरू किया था।

अभी योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की रकम तीन किश्तों में मिलती है। यह रकम सीधे उनके खातों में डाली जाती है। पिछले बजट में सरकार ने पीएम-किसान पर 60,000 करोड़ रुपये खर्च किए थे। अंतरिम बजट में स्‍कीम के लिए आवंटन बढ़ाए जाने की उम्‍मीद है। इसके अलावा फसल बीमा और ग्रामीण रोजगार योजना के लिए भी रकम में बढ़ोतरी के आसार हैं।

सरकार योजना के दायरे को बढ़ाने के लिए कुछ उपाय भी कर सकती है। इसका मकसद ज्‍यादा किसानों को इसका लाभ देना होगा। इसके तहत पात्रता के मापदंडों को आसान बनाना जा सकता है। अंतरिम बजट लोकसभा चुनाव से पहले पेश हो रहा है। इस रकम को 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये सालाना किया जा सकता है। एचडीएफसी बैंक की प्रिंसिपल इकनॉमिस्ट साक्षी गुप्ता ने कहा, ‘सरकार (पीएम-किसान) योजना के तहत समर्थन को 8,000 रुपये से 10,000 रुपये के बीच बढ़ा सकती है।’

गांवों में देश की बड़ी आबादी रहती है। इस तरह की स्‍कीमों से उसे प्रत्‍यक्ष लाभ हुआ है। बीजेपी ने तीसरी बार केंद्र की सत्‍ता में आने के लिए कमर कस ली है। वह हरेक मोर्चे पर किलेबंदी करने में जुटी है। पीएम किसान निधि जैसी स्‍कीमें तीसरी बार सत्‍ता में उसकी वापसी में अहम भूमिका निभा सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कह चुके हैं कि उनके लिए सिर्फ चार ही जातियां हैं। इनमें गरीब, युवा, महिला और किसान शामिल हैं। केंद्र की स्‍कीमों का फोकस भी इन्‍हीं चार पर होगा।

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