देश की चार प्रतिशत आबादी की सालाना कमाई 8.28 लाख रुपये से ज्यादा 

मुंबई-भारत में प्रीमियम कारें, घर, गहने और लग्जरी आइटम्स खरीद सकने वाले लोगों की संख्या पिछले चार वर्षों में तेजी से बढ़ी है। कामकाजी उम्र वाली आबादी का लगभग चार प्रतिशत हिस्सा ऐसा है, जिसकी प्रति व्यक्ति आमदनी 8 लाख 28 हजार रुपये सालाना से अधिक है जबकि भारत की प्रति व्यक्ति आय 1,74,000 रुपये सालाना के करीब है।  

गोल्डमैन सैक्स की ‘द राइज ऑफ एफ्लुएंट इंडिया’ रिपोर्ट (Goldman Sachs Report) में यह जानकारी दी गई। बताया गया कि ‘समृद्ध भारत’ के इस टॉप कंज्यूमर ग्रुप में करीब छह करोड़ लोग हैं। रिपोर्ट में टैक्स फाइलिंग, बैंक डिपॉजिट, क्रेडिट कार्ड और ब्रॉडबैंड कनेक्शन के आंकड़ों का सहारा लिया गया। 2019 से 2023 के बीच अमीर लोगों की संख्या 12.6 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ी, जबकि कामकाजी उम्र वाली आबादी 1.4 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ी।  

कहा गया कि यही रफ्तार बनी रही तो साल 2025 में इस ‘समृद्ध भारत’ में शामिल कंज्यूमर्स की संख्या 10 करोड़ हो जाएगी। वित्त वर्ष 2019 से 2023 के बीच इक्विटी, गोल्ड और प्रॉपर्टी की वैल्यू में बड़ा इजाफा हुआ। वेल्थ बढ़ाने में सबसे बड़ा योगदान शेयर बाजार और गोल्ड का रहा।  

रिपोर्ट में कहा गया, ‘पिछले तीन वर्षों में भारतीय शेयर बाजार का मार्केट कैप 80 प्रतिशत से अधिक बढ़ा। 2020-23 के बीच गोल्ड का दाम 65 प्रतिशत बढ़ा। इसके चलते इक्विटी और गोल्ड में भारतीयों की कुल होल्डिंग की वैल्यू 149 लाख करोड़ से बढ़कर 223 लाख करोड़ रुपये हो गई। 2019 से 2023 के बीच प्रॉपर्टी की वैल्यू 30 प्रतिशत से अधिक बढ़ी। वित्त वर्ष 15-19 में 13 प्रतिशत का ही इजाफा हुआ था।’

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि दुनिया में जितना फिजिकल गोल्ड है, उसका लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा भारतीय परिवारों के पास है यानी इनके पास लगभग 25 हजार टन सोना है। 2019 से 2023 के बीच इसकी वैल्यू 91 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 149 लाख करोड़ रुपये हो गई। ‘समृद्ध भारत’ की दौलत बढ़ाने में इसका बड़ा योगदान रहा। 

शेष भारत के मुकाबले टॉप कंज्यूमर्स का यह ग्रुप ड्यूरेबल गुड्स, हेल्थकेयर सर्विसेज, जूलरी और घर के बाहर खाने-पीने पर अधिक खर्च कर रहा है। इन चीजों पर इस टॉप ग्रुप का प्रति व्यक्ति खर्च बाकी भारत के औसत खर्च से 8 से 10 गुना तक है। 2023 तक के आंकड़ों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में करीब 4 करोड़ लोग हर साल एयर ट्रैवल करते हैं और 2 करोड़ 60 लाख इंटरनैशनल ट्रैवलर हैं। ऑनलाइन फूड ऑर्डर करने वाले तीन करोड़ मंथली यूजर हैं और देश में तीन करोड़ ब्रॉडबैंड कनेक्शन हैं।

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