इस साल सोना 75 हजार और चांदी का भाव जा सकता है एक लाख रुपये  

मुंबई- पिछले साल दुनिया के कई देशों में महंगाई 40 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। इसे कंट्रोल करने के लिए केंद्रीय बैंकों ने ब्याज दरों में भारी बढ़ोतरी की। केंद्रीय बैंक अभी भी ब्याज दरों में इजाफे को लेकर अपने रुख पर बरकरार है। इससे साल 2023 में मंदी की आशंकाएं पैदा हो गई हैं।  

जब भी अर्थव्यवस्थाओं में मंदी आती है तो सोने-चांदी की कीमतें ऊपर जाने लगती हैं। यही कारण है कि इस साल एक्सपर्ट्स सोने-चांदी की कीमतों में भारी उछाल का अनुमान जता रहे हैं। सोने से ज्यादा तेजी चांदी में आने का अनुमान है। केडिया एडवाइजरी के अनुसार इस साल चांदी में 30 फीसदी का रिटर्न देखने को मिल सकता है। वहीं, सोने से 14 फीसदी रिटर्न मिलने की उम्मीद है।

सोने से ज्यादा रिटर्न आपको चांदी में देखने को मिलने वाला है। साल 2023 में सोने की तुलना में चांदी दोगुना मुनाफा दे सकती है। इस साल चांदी में 30 फीसदी रिटर्न देखने को मिलेगा। इस तरह चांदी की कीमतें साल 2023 में 90,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है। 

चांदी में फायदा मिलने के कारणों में इस साल इंडेक्स 114 से गिरकर 104 पर आ गई है। डॉलर में आगे भी गिरावट रहने का अनुमान है। जब डॉलर गिरता है तो सोने-चांदी में तेजी आती है। डॉलर में यह गिरावट चांदी में तेजी का कारण बनेगी। यूएस फेड का ब्याज दरों पर आक्रामक रुख बरकरार रहने से बांड यील्ड में गिरावट आ रही है। यह चांदी की कीमतों को सपोर्ट करेगी।

जब भी दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव देखने को मिलता है, सोना-चांदी सेफ हैवन एसेट बनने लगते हैं। इससे कीमतों में तेजी आती है। इस समय रूस-यूक्रेन युद्ध जस का तस बना हुआ है। इसके अलवा चीन-ताइवान में भी विवाद बढ़ता जा रहा है।

साल 2023 में दुनियाभर में मंदी की आशंका बढ़ रही हैं। अमेरिका में मंदी आना तय है। 2023 चीन के लिए भी काफी बुरा साबित होने वाला है। आईएमएफ का अनुमान है कि इस साल एक तिहाई दुनिया मंदी की चपेट में होगी। मंदी की स्थिति में सोना-चांदी सेफ हैवन एसेट के रूप में मजबूत होता है और कीमतों में तेजी आती है।
 

टेलीकॉम कंपनियां 5जी टेक्नोलॉजी की तरफ शिफ्ट हो रही हैं। 5 जी टेक्नोलॉजी में चांदी का इस्तेमाल होता है। इससे भी चांदी की डिमांड बढ़ी है। चांदी की इंडस्ट्रीयल डिमांड बढ़ रही है। यह बढ़ी हुई डिमांड कीमतों को ऊपर ले जाएगी।

सोने में जब भी तेजी का साइकल आता है, तो यह 2-3 साल तक चलता है। पिछले साल सोने में तेजी देखी गई थी। यह तेजी इस साल और अगले साल भी देखी जाने की उम्मीद है। साल 2022 में सोने ने 20 फीसदी का रिटर्न दिया है। इस साल सोना 14 फीसदी का रिटर्न दे सकता है। सोने के भाव इस साल 75,000 रुपये प्रति 10 तक जा सकते हैं। 

सोने की कीमतों में तेजी का कारण साल 2023 में दुनियाभर में मंदी की आशंका बढ़ रही हैं। अमेरिका में मंदी आना तय है। 2023 चीन के लिए भी काफी बुरा साबित होने वाला है। आईएमएफ का अनुमान है कि इस साल एक तिहाई दुनिया मंदी की चपेट में होगी। मंदी की स्थिति में सोना सेफ हैवन एसेट के रूप में मजबूत होता है और कीमतों में तेजी आती है। 

चीन हर साल 1000 टन सोना आयात करता है। जीरो कोविड पॉलिसी लागू होने के दौरान चीन का सोना आयात काफी गिरा हुआ था। लेकिन अब चीन अपनी बॉर्डर्स को पूरी तरह खोल रहा है। वहां जीरो कोविड पॉलिसी वापस ले ली गई है। इससे चीन में सोने की डिमांड बढ़ेगी और यह कीमतों में तेजी लाएगा।

भारत में जूलरी की डिमांड में रिकवरी देखने को मिल रही है। साथ ही इंडियन गोल्ड ईटीएफ का पोर्टफोलियो भी बढ़ रहा है। इससे कीमतों में तेजी देखने को मिलेगी।

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