कोरोना की तीनों खुराक वालों को बीमा रिन्यूअल प्रीमियम में मिल सकती है छूट 

मुंबई- कोरोना मामले बढ़ने के साथ भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडाई) ने बीमा कंपनियों से कोविड-19 टीके की तीनों खुराक ले चुके लोगों को साधारण और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के प्रीमियम नवीनीकरण पर छूट देने का विचार करने को कहा है। सूत्रों ने कहा कि इसके साथ ही इरडाई ने लाइफ और साधारण बीमा प्रदान करने वाली कंपनियों से कोविड संबंधित दावों को कागजी कार्रवाई कम कर जल्दी भुगतान करने का आदेश दिया है। 

पिछले सप्ताह कोविड-19 को लेकर आयोजित बैठक में नियामक ने कहा कि बीमा कंपनियों को उन पॉलिसीधारकों को प्रोत्साहन देना चाहिए जो उनके नेटवर्क में आने वाले स्वास्थ्य केंद्रों के जरिये आरटी-पीसीआर जांच कराते हैं। नियामक ने विदेश यात्रा बीमा के संदर्भ में ऐसी पॉलिसी तैयार करने वालों से विभिन्न देशों में कोविड जांच की जरूरत के बारे में सूचना का प्रचार-प्रसार भी करने को कहा है। 

सूत्रों ने कहा कि नियामक ने बीमाकर्ताओं से यह सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया कि पैनल में शामिल अस्पताल कोविड-19 को लेकर अस्पताल में भर्ती होने पर जमा राशि नहीं लें। कैशलेस पॉलिसी होने के बावजूद कुछ अस्पतालों ने पहली और दूसरी लहर के दौरान कोविड उपचार के लिये राशि जमा कराने की मांग की थी। 

बीमाकर्ताओं को हालात खराब होने की स्थिति में कोरोना से संबंधित सहायता के लिए एक वॉर रूम बनाना चाहिए। साथ ही आंकड़ों को एक निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट किया जाना चाहिए ताकि कोई विसंगति न हो। दूसरी ओर, बीमाकर्ताओं ने नियामक से उपचार प्रोटोकॉल के मानकीकरण को देखने के लिए कहा ताकि धोखाधड़ी के मामलों को कम किया जा सके। 

इरडाई ने कहा, साधारण और स्वास्थ्य बीमा कंपनियों ने दावों के तहत 25,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया। स्वास्थ्य बीमा के तहत कुल 26.54 लाख दावों का निपटान हुआ। बीमा कंपनियों ने 2.25 लाख मौतों के दावों का भी निपटान किया जिसमें 31 मार्च, 2022 तक 17,269 करोड़ रुपये का भुगतान किया। 

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