मोबाइल और लैपटाप में डाटा चोरी होने से बचने के लिए कीजिए उपाय 

मुंबई- आज के समय में सभी महत्वपूर्ण जानकारियां फोन, कंप्यूटर या लैपटॉप में मौजूद होती हैं। ये सब आपके जीवन को गति प्रदान करता है, तो जरा सी चूक से ऑनलाइन मौजूद डेटा आपके लिए खतरा भी बन जाता है।  

मोबाइल डिवाइस में डेटा प्रोटेक्शन के लिए अपना 15 अंकों का आईएमईआई नंबर दर्ज कर लें। मोबाइल फोन चोरी/गुम होने की स्थिति में यह नंबर पुलिस शिकायत दर्ज कराने में काम आएगा। अपने आप लॉक होने के लिए ऑटोलॉक का इस्तेमाल करें या पासकोड/सिक्योरिटी पैटर्न के जरिए कीपैड लॉक चालू कर सकते हैं। 

सिम कार्ड को लॉक करने के लिए पिन का इस्तेमाल करें, ताकि डिवाइस चोरी होने पर सिम का दुरुपयोग न हो। मेमोरी कार्ड की सूचनाओं का सुरक्षित रखने के लिए पासवर्ड का इस्तेमाल करें। कभी अपने मोबाइल डिवाइस को यूं ही न छोड़ें। इस्तेमाल न होने की स्थिति में एप्लिकेशन(कैमरा, ऑडियो/वीडियो प्लेयर) और कनेक्शन(ब्लूटूथ, इंफ्रारेड, वाई-फाई)को बंद कर दें।  

हमको सभी तरह की वेबसाइट की कुकी (cookie) को स्वीकार नहीं करना चाहिए। कुकीज की मदद से आपकी सारी महत्वपूर्ण जानकारी भी उन वेबसाइट्स के पास चली जाती है। बाद में वे लोग उसका गलत इस्तेमाल भी कर सकते है। इससे बचने के लिए ट्रस्टेड वेबसाइट की कुकी को ही स्वीकार करना चाहिए।  

स्पैम कॉल्स और मैसेज ब्लॉक करने के दो तरीके हैं। सबसे पहले मैसेजिंग एप में जाएं और स्टार्ट टाइप करके 1909 पर भेज दें। दूसरा तरीका है अपने फोन से 1909 पर कॉल करें। इससे आपके फोन पर थपैम कॉल्स और मैसेज आने काफी कम हो जाएंगे। ट्रूकॉलर या कॉल ब्लॉकर्स जैसे कुछ एप की मदद से आप स्पैम का पता कर सकते हैं।  

कई एप हमारे फोटो, मैसेज का एक्सेस मांगते हैं, नहीं देने पर एप का पूरा एक्सेस नहीं मिलता, इसकी शिकायत कहां करें? मंजूरी देने का निर्णय आपका है। आप जितना एक्सेस देंगे, आपका डेटा पर खतरा उतना ही ज्यादा रहेगा। इसकी शिकायत करने का कोई जरिया नहीं है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published.