विकसित अर्थव्यवस्थाएं 2024 तक ही पटरी पर लौट सकेंगी- आईएमएफ 

मुंबई- महामारी से बुरी तरह प्रभावित दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाएं धीरे-धीरे सुधार की ओर लौट रही हैं। विकसित अर्थव्यवस्थाएं 2024 तक उस स्तर पर लौट जाएंगी, जहां उन्हें महामारी नहीं होने की स्थिति में पहुंचना था।  

हालांकि, सुधार की दौड़ में विकासशील देशों की अर्थव्यवस्थाएं 5 फीसदी पीछे रह जाएंगी। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष(आईएमएफ) की प्रथम उप-प्रबंध निदेशक गीता गोपीनाथ ने बुधवार को कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से वैश्विक सुधार को बड़ा झटका लगा है। इस कारण हमारे सामने वैश्विक वृद्धि दर में गंभीर गिरावट का संकट खड़ा हो गया है। 

विश्व आर्थिक मंच की सालाना बैठक में उन्होंने कहा कि विभिन्न हालातों की वजह से दुनिया को लगातार विपरीत हालात से जूझना पड़ रहा है। दुनियाभर में ईंधन और भोजन समेत कमोडिटी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया है।  

गोपीनाथ ने कहा कि दुनियाभर के केंद्रीय बैंक उच्च महंगाई पर काबू करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें ब्याज दरों में तेज बढ़ोतरी करनी पड़ रही है। इससे वैश्विक वित्त और कारोबार पर बुरा असर पड़ेगा। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं की वृद्धि दर भी प्रभावित होगी क्योंकि दुनियाभर में सुधार विविध प्रकार से हो रहा है। 

आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला का कहना है कि महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इनमें से कुछ चिंताओं को अन्य स्रोत देशों में संभावनाएं तलाश कर दूर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत में जीवन अब सामान्य हो गया है। मेरा मानना है कि हमें वैश्वीकरण से अलग हटकर कुछ नहीं सोचना चाहिए क्योंकि पूरी तरह स्थानीयकरण संभव नहीं है।  

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