4 हफ्ते में 10 कंपनियां आईपीओ से जुटा सकती हैं 12,000 करोड़ रुपये  

मुंबई। एलआईसी आईपीओ के बाद भी इस महीने में निवेशकों को जमकर पैसा लगाने का मौका मिलेगा। मई में करीबन 10 कंपनियां बाजार में उतरने वाली हैं। ये 12,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही हैं। जबकि एलआईसी के 21,000 करोड़ रुपये को मिला दें तो कुल रकम 33,000 करोड़ रुपये हो जाएगी।  

सूत्रों के मुताबिक, ज्यादातर कंपनियां इसलिए 10 मई के बाद आईपीओ लाना चाहती हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि एलआईसी के कारण उनको अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिलेगी। इस वजह से वे बाद में आईपीओ लाने वाली हैं। इसमें सबसे बड़ा आईपीओ डेलहीवरी का होगा, जो 5,235 करोड़ रुपये का होगा। यह 11-13 मई तक खुलेगा और इसका मूल्य 462 से 587 रुपये तय किया गया है। 

इसी तरह से प्रूडेंट कॉरपोरेट का इश्यू 10-12 मई को खुलेगा। कंपनी 595 से 630 रुपये के भाव पर 538 करोड़ रुपये जुटाने के लिए उतरेगी। इनके अलावा पारादीप फास्फेट 2,200 करोड़ रुपये के लिए बाजार में आएगी जबकि सिरमाटेक 1,000 करोड़ रुपये के लिए उतरेगी। अथर इंडस्ट्रीज भी 1,000 करोड़ रुपये जुटाएगी जबकि जेके फाइल्स और हेक्सा 600-600 करोड़ रुपये के लिए बाजार में उतरने वाली हैं। ई-मुद्रा का आकार 450 करोड़ और इथोस का 500 करोड़ रुपये का होगा। 

इस साल अभी तक केवल 9 आईपीओ आए हैं और इन्होंने 31,809 करोड़ रुपये की रकम जुटाई है। हालांकि 2021 की तरह इस साल आईपीओ का बाजार बहुत ज्यादा गरम रहने वाला नहीं है। 2021 में कुल 63 कंपनियों ने 1.19 लाख करोड़ रुपये की रकम जुटाई थी, जो अब तक आईपीओ के इतिहास का रिकॉर्ड है। इससे पहले 2017 में 38 कंपनियों ने 75,279 करोड़ रुपये जुटाए थे। 

वैसे ज्यादा रकम जुटाने वाली कंपनियों ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न नहीं दिया है। 18,000 करोड़ जुटाने वाली पेटीएम के शेयर में निवेशकों को 73 फीसदी का घाटा हुआ है जबकि 11,176 करोड़ रुपये जुटाने वाली जीआईसी में 84 फीसदी का घाटा हुआ है। कोल इंडिया ने 15,199 करोड़ रुपये जुटाए थे और इसके शेयर ने 24 फीसदी का नुकसान दिया है। रिलायंस पावर 2008 में 11,563 करोड़ रुपये जुटाई थी और इसमें निवेशकों को 97 फीसदी का नुकसान हुआ है। 

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