कोटक महिंद्रा बैंक में 1,657 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी

मुंबई- निजी क्षेत्र के दिग्गज बैंक कोटक महिंद्रा बैंक में 1,657 करोड़ रुपये की धोखाखड़ी के मामले सामने आए हैं। यह धोखाधड़ी साल 2017 से लेकर 2022 के दौरान हुई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने यह जानकारी दी है। 

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में यह बात बताई है। रिजर्व बैंक ने कहा कि साल 2017 से 2022 के दौरान कोटक महिंद्रा बैंक में धोखाधड़ी से संबंधित कुल 161,003 मामले सामने आए थे। इन मामलों में 1,657.64 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था। हालांकि इस बारे में क्या कार्रवाई की गई, इसका पता नहीं चल पाया है। 

रिजर्व बैंक ने बताया कि आंकड़ों के मुताबिक, देश में सबसे ज्यादा धोखाधड़ी के मामले इसी बैंक में आए हैं। 1 जनवरी 2017 से 31 मार्च 2022 तक के ये आंकड़े हैं। इससे पहले कोटक महिंद्रा बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट पर बड़ा घोटाला हुआ था। 

पिछले साल इसने एफडी पर ज्यादा ब्याज के नाम से ग्राहकों से 8.64 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की थी। इस संबंध में मुंबई की सांताक्रूज पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमें एक बैंक कर्मचारी और दो अन्य लोग थे। पुलिस के मुताबिक, बैंक के प्रायोरिटी रिलेशनशिप मैनेजर अपूर्व शहा ने अपने पहचान वाले संतोष शेट्टी को बैंक में खाता खोलने की सलाह दी थी। 

शेट्टी ने इस मामले में अपने एक दोस्त सहदेव को कहा कि वह खाता खोल ले और इस पर 8.7 फीसदी का ब्याज मिलेगा। इसके बाद शेट्टी ने 10 लाख रुपये जमा करा दिए। इसी बीच सहदेव ने पता किया तो पता चला कि बैंक में कोई एफडी उनके नाम नहीं है। इसके बाद मामले की जांच की गई तो बैंक अधिकारी गौरव पदमा के खिलाफ मामला मिला। 

गौरव ने ग्राहक को बैंक की डुप्लीकेट रसीद दी और उसके बाद 22 खाताधारकों से न्यू कमल टायर के नाम पर पैसा ले लिया। पदमा ने इस खाते से सभी पैसे अपने परिवार और रिश्तेदारों के नाम ट्रांसफर कर दिया। यह पैसे 16 अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए गए थे। गौरव साल 2019 से यह काम कर रहा था। 

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