एलआईसी आईपीओ-ब्रोकरेज हाउस बता रहे हैं इश्यू में निवेश करें या नहीं  

मुंबई। आज से देश के सबसे बड़े आईपीओ का आगाज हो रहा है। एलआईसी का इश्यू आज खुलेगा और 9 मई को बंद होगा। 902 से 949 रुपये के भाव पर कम से कम 15 शेयरों के लिए बोली लगाई जा सकती है। एंकर निवेशकों की ओर से इसे अच्छा प्रतिसाद मिला है।  

कंपनी 20,557 करोड़ रुपये जुटाने वाली है। इस बारे में कई ब्रोकरेज हाउसों ने इसे खरीदने की सलाह दी है। हम उसके बारे में बताएँगे, लेकिन उससे पहले कुछ जरूरी बातें जो आपको जानना जरूरी है। 

अगर आप पॉलिसी धारक के कोटे का छूट चाहते हैं तो आपके पास 13 फरवरी से पहले की पॉलिसी होनी चाहिए जो अभी भी चालू रहनी चाहिए। फिर 28 फरवरी तक आपका पैन कार्ड इस पॉलिसी से जुड़ा होना चाहिए। अगर पॉलिसीधारक नाबालिग है तो फिर उसके नाम से डीमैट खाता होना चाहिए। 

एलआईसी के आईपीओ में दो डिस्काउंट हैं। एक पॉलिसीधारकों के लिए और दूसरा खुदरा निवेशकों के लिए। आप इसमें से एक ही छूट पाने के हकदार हैं। पॉलिसीधारकों को 60 रुपये और खुदरा निवेशक को 45 रुपये की छूट मिलेगी। 

एलआईसी का नकारात्मक पहलू यह है कि लगातार 8 वर्षों से इसकी बाजार हिस्सेदारी घट रही है। यह 72 फीसदी से गिरकर 64 फीसदी पर आ गया है। भारत में बीमा उद्योग की विकास दर 17 फीसदी है, जबकि एलआईसी की विकास दर 7 फीसदी है। हालांकि ग्रे मार्केट में इसका प्रीमियम 85 रुपये पर है। यानी 949 रुपये का शेयर 1,034 रुपये पर कारोबार कर रहा है। 

रिलायंस सिक्योरिटीज ने कहा है कि यह आईपीओ निजी बीमा कंपनियां जो सूचीबद्ध हैं, उनकी तुलना में कम भाव पर है। इसके पास बीमा के विविधीकृत फोलियो हैं। 14 लाख एजेंट के साथ इसका वित्तीय रिकॉर्ड अच्छा है। इसलिए इसे खरीदना चाहिए।  

निर्मल बंग ने भी इस शेयर को खरीदने की सलाह दी है। इसने कहा है कि भारत में बीमा कंपनियों के नए बिजनेस प्रीमियम की विकास दर अगले दशक में 14-16 फीसदी रह सकती है। कंपनी नए उत्पाद पेश करेगी तो इसकी बाजार हिस्सेदारी और मजबूत होगी। 

एंजल वन ने कहा है कि एलआईसी का वैल्यूएशन एंबेडड वैल्यू की तुलना में केवल 1.1 गुना है। जबकि निजी कंपनियां जो सूचीबद्ध हैं वे 2.5 से 4.3 गुना पर कारोबार कर रही हैं। हालांकि व्यक्तिगत बीमा कारोबार में एलआईसी की बाजार हिस्सेदारी जरूर चिंता का विषय है। इस ब्रोकरेज हाउस ने भी इसके शेयर को खरीदने की सलाह दी है। 

रेलिगेयर ब्रोकिंग ने कहा है कि निवेशकों को इस शेयर में पैसा लगाना चाहिए। बीमा क्षेत्र अभी भी बहुत ज्यादा पहुंच वाला नहीं है। इसलिए इसमे अपार संभावनाएं आगे हैं। 2021-32 के दौरान बीमा उद्योग 14-16 फीसदी चक्रवृद्धि दर से विकास करेगा। हालांकि बाजार हिस्सेदारी को लेकर एक चिंता जरूर है। 

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