कोयले की देश में भारी कमी, कई राज्यों में बिजली कटौती शुरू  

मुंबई- तेज गर्मी और कोयले की भारी कमी ने भारत में नया बिजली संकट पैदा कर दिया है। बिजली की मांग में बढ़ोतरी के कारण पंजाब, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों को बिजली कटौती करनी पड़ रही है। कुछ जगहों पर तो ये कटौती आठ घंटे तक है। ऐसे में लोगों के पास या तो तेज गर्मी सहने का विकल्प है या फिर दूसरे महंगे विकल्प चुनने पर मजबूर होना पड़ रहा है। 

भारत में 70% बिजली का उत्पादन कोयले से होता है, लेकिन कोयले के ट्रांसपोर्ट के लिए रेलवे रेक की उपलब्धता कम होने और कोयले के आयात में कमी के कारण सप्लाई बाधित हुई है। ऐसे में देश में बढ़ी बिजली की मांग पूरी नहीं हो पा रही है। कोरोना महामारी के कम होने के बाद इकोनॉमिक एक्टिविटीज के फिर से बढ़ने और देश में गर्मी के चरम पर पहुंचने के कारण डिमांड बढ़ी है। 

देश के कई हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे मौसम विभाग ने लू की चेतावनी जारी की है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, देश की राजधानी नई दिल्ली में 20 अप्रैल को तापमान 108.7 डिग्री फारेनहाइट (42.6 डिग्री सेल्सियस) दर्ज किया गया, जो पांच वर्षों में सबसे गर्म दिन है। मार्च में नेशनल ऐवरेज रिकॉर्ड 92 डिग्री तक पहुंच गया, जो 1901 के बाद सबसे ज्यादा है। 

बिजली मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि, 19 अप्रैल को बिजली उत्पादकों के पास जो स्टॉक था जो औसतन आठ दिनों तक चल सकता था। इस महीने के फर्स्ट हाफ में उत्पादन में 27% की बढ़ोतरी के बावजूद, राज्य के स्वामित्व वाली कोल इंडिया लिमिटेड डिमांड को पूरा नहीं कर पा रही है। कोल इंडिया एशिया की कुछ सबसे बड़ी कोयला खदानों को ऑपरेट करती है। 

ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के शैलेंद्र दुबे ने कहा, ‘देश भर में थर्मल प्लांट कोयले की कमी से जूझ रहे हैं क्योंकि राज्यों में बिजली की मांग बढ़ गई है।’ वैसे गर्मियों में कोयले की कमी कोई नई बात नहीं है। ऐसा लंबे समय से चला आ रहा है। इसका मुख्य कारण कोल इंडिया की उत्पादन बढ़ाने में असमर्थता और खराब इंफ्रास्ट्रक्चर है। पिछले साल भी इकोनॉमी के खुलने के साथ देश ने ऐसा ही संकट देखा था। 

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