वित्तमंत्री के ये 6 फैसले, जिनका असर आपकी जेब पर सीधा होगा 

मुंबई- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को बजट पेश करते हुए इंडीविजुअल टैक्सपेयर्स के लिए टैक्स में किसी बड़ी राहत का ऐलान नहीं किया। हालांकि क्रिप्टो निवेशकों के नजरिए से यह एक अहम बजट साबित हुआ। वर्चुअल या डिजिटल एसेट्स पर टैक्स लगाकर केंद्र सरकार ने एक तरह से क्रिप्टो कारोबार पर मुहर लगा दी है। साथ ही इसके देश में बैन किए जाने को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर भी अब विराम लग गया है।  

इसके अलावा भी बजट में ऐसे कई प्रस्ताव शामिल है, जिनका अगले वित्त वर्ष यानी वित्त वर्ष 2022-23 में आपकी जेब पर सीधा असर पड़ेगा। यहां आपको वित्त मंत्री के कुछ ऐसे ही ऐलानों के बारे में बता रहे हैं। 

वित मंत्री ने अपने बजट में कहा, “किसी भी वर्चुअल डिजिटल एसेट्स के ट्रांसफर से होने वाली आय पर 30 फीसदी की दर से टैक्स लिया जाएगा।” यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इसमें इक्विटी मार्केट की तरह किसी भी तरह के शॉर्ट-टर्म या लॉन्ग-टर्म होल्डिंग पर अलग-अलग तरह के टैक्स का प्रावधान नहीं है। आप क्रिप्टोकरेंसी तुरंत बेचे या कुछ साल के बाद, उससे होने वाली कुल आय पर आपको 30 फीसदा का टैक्स देना होगा। 

इसके अलावा वित्त मंत्री ने वर्चुअल एसेट्स के ट्रांसफर पर एक निश्चित सीमा से अधिक किए पेमेंट्स पर 1 फीसदी टीडीएस लगाने का ऐलान किया है। साथ ही गिफ्ट के रूप में मिलने वाले वर्चुअल डिजिटल एसेट पर भी वित्त मंत्री ने टैक्स लगाने का ऐलान करते हुए कहा और गिफ्ट हासिल करने वाले व्यक्ति को टैक्स देना होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि एक्विजिशन की लागत के अलावा वर्चुअल एसेट पर खर्च होने वाली किसी भी तरह के रकम पर कोई डिडक्शन नहीं मिलेगा। ना ही इसे किसी दूसरे आय में हुए नुकसान के मुकाबले भरपाई के रूप में दिखाया जा सकता है। 

सरकार ने ईमानदार टैक्सपेयर्स को राहत देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए कहा कि टैक्सपेयर्स इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के बाद दो साल तक उसे अपडेट कर सकेंगे। नए प्रावधान के तहत किसी तरह के जुर्माने का प्रावधान नहीं है। लेकिन, टैक्सपेयर को आईटीआर में बताई गई अतिरिक्त इनकम पर लगने वाले टैक्स पर टैक्स का भुगतान करना होगा। अतिरिक्त इनकम पर बकाया इंट्रेस्ट और टैक्स पर अतिरिक्त 25 से 50 फीसदी टैक्स टैक्सपेयर्स को चुकाना होगा। अभी इस तरह की सुविधा नहीं होने से ईमानदार टैक्सपेयर्स को दिक्कत होती थी। अगर गलती से वे किसी इनकम को बताने से चूक जाते हैं तो फिर उन्हें नोटिस आने का डर सताता था। 

वित्तमंत्री ने लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस पर लगने वाले सरचार्ज को 15 फीसदी पर सीमित करने का ऐलान किया। यह प्रावधान सभी तरह के एसेट्स पर लागू होगा। अभी यह प्रावधान सिर्फ लिस्टेड शेयर और म्यूचुअल फंड्स की यूनिट्स पर लागू होता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी लिस्टेड शेयर और इक्विटी फंड के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस पर सरचार्ज की सीमा 15 फीसदी तय है। लेकिन, दूसरे एसेट्स से लॉन्ग टर्म कैपिटल पर सरचार्ज की सीमा तय नहीं थी। यह टोटल इनकम के हिसाब से लगता था। वित्तमंत्री का बजट में जो इस बारे में ऐलान आया है, उससे यह फर्क खत्म हो गया है। 

राज्य सरकार के कर्मचारियों को नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) में योगदान पर राहत दी गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एनपीएस में उनके कंट्रिब्यूशन पर टैक्स डिडक्शन को 10 फीसदी से बढ़ाकर 14 फीसदी कर दिया है। वित्तमंत्री ने कहा कि हमारे इस ऐलान से करोड़ों टैक्सपेयर्स को फायदा होगा। 

केंद्र सरकार ने दिव्यांगों को कर और बीमा के मोर्चे पर राहत दी है। वित्त मंत्री ने कहा कि जो व्यक्ति शारीरिक अक्षमता से लड़ रहा है उसे टैक्स में राहत दी जाएगी। दिव्यांगता से जूझ रहे व्यक्ति के माता-पिता या फिर अभिभावक ऐसे व्यक्ति के लिए बीमा स्कीम ले सकते हैं। विकलांग आश्रित के लिए एनुअल या एकमुश्त प्रीमियम के भुगतान पर किसी भी तरह का टैक्स नहीं लिया जाएगा और इसपर आजीवन छूट दी जाएगी। 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को अपने बजट भाषण में कहा कि पैसों को जुटामे के लिए ग्रीन बॉन्ड जारी करेगी। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2022-23 के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए आवंटन को 35.4 फीसदी से बढ़ाकर 7.5 लाख करोड़ रुपये किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आगामी वित्त वर्ष में प्रभावी कैपिटल एक्सपेंडिचर 10.68 लाख करोड़ रुपये यानी जीडीपी का 4.1 फीसदी रहेगा। ग्रीन बॉन्ड में कैसे निवेश करना है, इस पर कितना ब्याज मिलेगा, इस लेकर सारी जानकारी सरकार अगले वित्त वर्ष में ग्रीन बॉन्ड को जारी करते समय जारी करेगी। 

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