बजट से पहले म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की बड़ी मांगें, इंडेक्सेशन से लेकर LTCG राहत तक पर AMFI का जोर
मुंबई-एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) ने सरकार से आगामी बजट 2026-27 में डेट (बॉन्ड) फंड के लिए ‘इंडेक्सेशन’ लाभों को बहाल करने की मांग की। एम्फी ने साथ ही म्युचुअल फंडों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के समान कर लाभों के साथ पेंशन आधारित योजनाएं पेश करने की अनुमति देने का आग्रह भी किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को लोकसभा में आम बजट पेश करेंगी। इंडेक्सेशन वह तरीका है, जिससे निवेश पर होने वाले मुनाफे में महंगाई को एडजेस्ट किया जाता है, जिससे टैक्स का बोझ कम हो जाता है।
म्युचुअल फंड निकाय ने रिटेल और लॉन्ग टर्म निवेशकों को ज्यादा राहत देने के लिए इक्विटी निवेश से होने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ाने की भी मांग की है। वित्त वर्ष 2026-27 के आम बजट के लिए अपनी सिफारिशों में एम्फी ने सरकार से इक्विटी एलटीसीजी (एलटीसीजी) के लिए कर मुक्त छूट की सीमा को 1.25 लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये करने का आग्रह किया है।
उसने कहा, ”म्युचुअल फंड उद्योग में स्थिर दीर्घकालिक पूंजी को प्रोत्साहित करने के लिए पांच वर्ष से अधिक समय तक रखी गई इकाइयों पर दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ से छूट की सिफारिश की गई है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि निवेशक लंबी अवधि तक निवेशित रहें।” इसके साथ ही एम्फी ने म्युचुअल फंड की डेट योजनाओं के लिए लॉन्ग टर्म इंडेक्सेशन लाभ को बहाल करने का अनुरोध किया है, जिसे बजट 2024 में वापस ले लिया गया था।

