आईटी सेक्टर में मिला-जुला प्रदर्शन: टेक महिंद्रा का मुनाफा 14% बढ़ा, विप्रो का लाभ सात फीसदी घटा
मुंबई- आईटी सेवा प्रदाता कंपनी टेक महिंद्रा को दिसंबर तिमाही में 1,122 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। यह एक साल पहले की तुलना में 14.11 फीसदी अधिक है। महिंद्रा समूह की इस कंपनी ने बताया, इस दौरान राजस्व बढ़कर 14,393 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले समान अवधि में यह 13,286 करोड़ रुपये था।
नए श्रम कानून के चलते कंपनी को दिसंबर तिमाही में करों के लिए प्रावधान ज्यादा करना पड़ा है। असाधारण मदों से 272 करोड़ रुपये का इसे लाभ हुआ है। साथ ही, सेवाओं की लागत में भी वृद्धि हुई है। नए सौदों में 47 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई और यह आंकड़ा 1.09 अरब डॉलर तक पहुंच गया। कंपनी के सीईओ-एमडी मोहित जोशी ने कहा, पांच वर्षों में हमने जितने सौदे हासिल किए हैं, उनमें यह सबसे अधिक है। कुल कर्मचारियों की संख्या में 872 की कमी आई और यह 1,49,616 रह गई। कर्मचारियों के छोड़ने की दर 12.3 फीसदी रही।
उधर नए श्रम कानून के लागू होने का असर विप्रो पर दिखा है। तीसरी तिमाही में फायदा 7 फीसदी घटकर 3,119 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी को 302.8 करोड़ रुपये के एकमुश्त अस्थायी प्रभाव के कारण यह हुआ। राजस्व 5.5 फीसदी बढ़कर 23,555.8 करोड़ रुपये रहा। विप्रो के सीईओ और एमडी श्रीनि पल्लिया ने कहा, तीसरी तिमाही में, हमने अपनी अपेक्षाओं के अनुरूप व्यापक वृद्धि दर्ज की। इस तिमाही में कई सफलताओं में योगदान दिया है।
विप्रो ने दिसंबर तिमाही मे 6,529 नौकरियां दी है। इससे कर्मचारियों की संख्या 242,021 हो गई। चालू वित्त वर्ष के अंत तक 7,500 से 8,000 लोगों की भर्ती करेगी। पहले 10,000 का लक्ष्य था। कंपनी के बोर्ड ने 6 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश घोषित किया है। 27 जनवरी रिकॉर्ड तिथि तय की है। इसके साथ विप्रो का इस वर्ष का कुल लाभांश 1.3 अरब डॉलर हो जाएगा।

