जियो में 2.5 फीसदी हिस्सा बेचकर 36,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है रिलायंस इंडस्ट्रीज
मुंबई-रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स इस साल प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव (आईपीओ) लाने पर विचार कर रही है। कंपनी 2.5 फीसदी हिस्सा बेची जाएगी। इससे 36,000 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है। इसके साथ ही यह सबसे बड़ा इश्यू हो जाएगा। नवंबर में जेफरीज ने अनुमान लगाया था कि जियो का मूल्यांकन 180 अरब डॉलर है। इस मूल्यांकन पर 2.5 फीसदी हिस्सा बेचने से 40,000 करोड़ रुपये मिल सकते हैं।
पिछले छह वर्षों में जियो ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में विस्तार किया है और केकेआर, जनरल अटलांटिक, सिल्वर लेक और अबू धाबी निवेश प्राधिकरण सहित कई प्रतिष्ठित निवेशकों से धन जुटाया है। विशाल आकार को देखते हुए कंपनी केवल 2.5 फीसदी ही हिस्सा बेचने की योजना बना रही है। हालांकि, जियो बड़ी कंपनियों के लिए न्यूनतम शेयर बिक्री सीमा को 5 फीसदी से घटाकर 2.5 फीसदी वाले प्रस्ताव पर वित्त मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार कर रही है।
सूत्रों ने कहा, यदि कानून में बदलाव होता है, तो फिलहाल जियो 2.5 फीसदी हिस्सा बेचेगी। कुछ बैंकर कंपनी के लिए 200 से 240 अरब डॉलर का मूल्यांकन प्रस्तावित कर रहे हैं। इससे कंपनी आगे ज्यादा भाव पर और हिस्सा बेच सकती है। अभी यह तय नहीं है कि जियो का आईपीओ ऑफर-फॉर-सेल होगा या नए शेयर बेचे जाएंगे। पिछले साल मुकेश अंबानी ने जियो को इस साल लिस्ट करने की बात कही थी।

