बैंकिंग शेयरों में बन सकता है कमाई का मौका, इन बैंकों की आय में दिखा मजबूत सुधार
मुंबई- कमजोर शुरुआत के बाद अब बैंकिंग सेक्टर की रफ्तार धीरे-धीरे लौटती दिख रही है। लोगों और कंपनियों की ओर से कर्ज लेने की मांग बढ़ रही है, बैंकों की कमाई पर दबाव कम हो रहा है और फंसे कर्ज की स्थिति भी ज्यादा नहीं बिगड़ी है। ऐसे में वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही बैंकों के लिए कुछ राहत लेकर आ सकती है। पहली छमाही में कारोबार सुस्त रहा था, लेकिन अब संकेत मिल रहे हैं कि अगली तिमाही में बैंकों की कमाई बेहतर हो सकती है, हालांकि खेती से जुड़े कुछ मामलों में परेशानी बनी रह सकती है।
एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में बैंकिंग सेक्टर की कुल कमाई में साल भर के मुकाबले करीब 5.3 फीसदी और पिछली तिमाही के मुकाबले 1 फीसदी की बढ़त हो सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पहली छमाही में हालात कमजोर रहे थे, लेकिन अब कर्ज देने की रफ्तार बढ़ रही है, जिससे बैंकों की आमदनी को फायदा मिलने की उम्मीद है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस तिमाही में बैंकों की कमाई पर मिलने वाला ब्याज मार्जिन ज्यादा घटने वाला नहीं है और इसमें हल्का सुधार भी हो सकता है। खासकर HDFC बैंक, फेडरल बैंक और सिटी यूनियन बैंक में यह सुधार ज्यादा दिख सकता है। वहीं, सरकारी बैंकों की हालत इस मामले में ज्यादा नहीं बदलेगी और उनका मार्जिन लगभग पहले जैसा ही रह सकता है। मुनाफे के पैमाने पर भी पूरे बैंकिंग सेक्टर का प्रदर्शन ज्यादा बदलाव के बिना स्थिर रहने की उम्मीद है।
आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि बैंक जमा यानी डिपॉजिट कितना इकट्ठा कर पाते हैं और बिना गारंटी वाले कर्ज को लेकर उनका क्या रुख रहता है। एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने अपनी पसंद के शेयरों में प्राइवेट बैंकों से ICICI बैंक, HDFC बैंक, करूर वैश्य बैंक और उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक को चुना है, जबकि सरकारी बैंकों में उसकी पहली पसंद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया है।

