शीर्ष-8 शहरों में घरों की बिक्री घटी, लेकिन कीमतों में 19% उछाल से बाजार की मजबूती बरकरार
मुंबई- शीर्ष-8 शहरों में पिछले वर्ष घरों की बिक्री एक फीसदी घटकर 3.48 लाख इकाइयों पर आ गई। औसत मूल्य 19 फीसदी तक वृद्धि के बावजूद मांग स्थिर बनी रही। रियल एस्टेट सलाहकार नाइट फ्रैंक इंडिया ने कहा, होम लोन पर ब्याज दरों में गिरावट, मजबूत आर्थिक विकास और कम महंगाई कुछ ऐसे प्रमुख कारक थे जिन्होंने संभावित मंदी की आशंकाओं के बावजूद मकानों की मांग को बनाए रखने में मदद की।
रिपोर्ट के अनुसार, यह आंकड़े केवल प्राथमिक आवासीय बाजार से संबंधित हैं। आवासीय बिक्री में अनिवासी भारतीयों का योगदान एक दशक पहले एक अंक से बढ़कर 12-15 फीसदी पर पहुंच गया है। चालू वर्ष आवासीय बाजार के लिए सतर्क रूप से आशावादी दिख रहा है। ब्याज दरों में कमी और बढ़ती क्षमता से आवासीय बिक्री को बढ़ावा मिलता रहेगा। मुंबई क्षेत्र में आवासीय संपत्तियों की बिक्री एक फीसदी बढ़कर 97,188 यूनिट हो गई। औसत आवास मूल्य 7 फीसदी बढ़कर 8,856 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गया।
दिल्ली-एनसीआर में 19 फीसदी बढ़ी कीमत
बंगलूरू में मकानों की बिक्री 55,373 यूनिट पर स्थिर रही। औसत मूल्य 12 फीसदी बढ़कर 7,388 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गया। पुणे में बिक्री 3 फीसदी घटकर 50,881 यूनिट रह गई, लेकिन कीमतें 5 फीसदी बढ़कर 5,016 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गईं। पिछले साल दिल्ली-एनसीआर में बिक्री 9 फीसदी घटकर 52,452 यूनिट रह गई, जबकि कीमतें 19 फीसदी बढ़कर 6,028 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई।
हैदराबाद में 13 फीसदी बढ़ा भाव
हैदराबाद में बिक्री 4 फीसदी बढ़कर 38,403 यूनिट हो गई। कीमतें 13 फीसदी बढ़कर 6,721 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई। अहमदाबाद में बिक्री दो फीसदी और कीमतें तीन फीसदी बढ़ीं। चेन्नई में भी बिक्री 12 फीसदी और कीमतें 7 फीसदी बढ़ीं। कोलकाता में बिक्री 3 फीसदी घट कर 16,896 यूनिट रह गई। औसत मूल्य 6 फीसदी बढ़कर 4,037 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गया।

