सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड : एक लाख रुपये का निवेश 7 साल में बना 4.69 लाख रुपये
मुंबई- आरबीआई की ओर से जारी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड से निवेशकों को हर सीरीज में अच्छा खासा मुनाफा मिल रहा है। 2018-19 सीरीज-4 के भुनाने की तारीख 22 जनवरी तय की गई थी। ऐसे में उस समय एक लाख रुपये का निवेश अब 4.69 लाख रुपये बन गया है। हालांकि, इसकी परिपक्वता अवधि 8 साल की है, पर पांच साल के बाद पैसा कभी भी निकाला जा सकता है।
आरबीआई ने 22 जनवरी, 2019 को जारी इस बॉन्ड का मूल्य प्रति यूनिट 14,853 रुपये तय किया है। 2019 में जारी करते समय इसका मूल्य 3,214 रुपये तय था। बॉन्ड के भुनाने की गणना पिछले तीन कारोबारी दिनों के 999 शुद्धता वाले सोने के बंद भाव के साधारण औसत पर आधारित होता है। इस आधार पर 22 जनवरी को भुनाए गए बॉन्ड का भाव 19 जनवरी, 20 और 21 जनवरी के बंद भाव के आधार पर तय किया गया है।
2019 में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर ऑनलाइन ग्राहकों के लिए 50 रुपये प्रति यूनिट का डिस्काउंट मिला था। इस आधार पर प्रति यूनिट भाव कम होकर 3,164 रुपये प्रति ग्राम हो गया था। इस प्रकार, कुल रिटर्न 14,853 रुपये – 3,164 रुपये = 11,689 रुपये (ब्याज को शामिल किए बिना) बनता है। यानी निवेशकों को 369 फीसदी से ज्यादा का फायदा मिला है। बॉन्ड की शुरुआती निवेश राशि पर 2.5 फीसदी सालाना ब्याज भी मिलता है। यह रकम निवेशकों के बैंक खाते में छमाही आधार पर जमा की जाती है। ब्याज की अंतिम किस्त बॉन्ड की परिपक्वता तिथि पर मूलधन के साथ देय होती है।

