सेबी लाएगा नया केवाईसी सिस्टम, निवेशकों और मध्यस्थों को बार-बार जानकारी देने से मिलेगी राहत
मुंबई- बाजार नियामक सेबी ने ग्राहक पहचान और उचित जांच पड़ताल के दृष्टिकोण से ग्राहक पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाने और केवाईसी पंजीकरण एजेंसियों (केआरए) में जोखिम प्रबंधन ढांचे को मजबूत करने के लिए उपायों का प्रस्ताव जारी किया है। इन उपायों में केआरए स्तर पर पंजीकरण के दौरान ग्राहकों की दी गई पूरक जानकारी का केंद्रीकरण शामिल है। इससे निवेशकों को विभिन्न मध्यस्थों से संपर्क करते समय एक ही जानकारी बार-बार जमा करने की जरूरत नहीं होगी।
सेबी ने परामर्श पत्र में प्रस्ताव दिया है कि केआरए को मध्यस्थों को यह सूचित करने के लिए जिम्मेदार होना चाहिए कि जब भी कोई नाबालिग 18 वर्ष का हो जाए, पहचान पत्र की वैधता समाप्त हो जाए, या कोई रिकॉर्ड पांच वर्षों तक अपरिवर्तित रहे, तो ग्राहक रिकॉर्ड को अपडेट किया जाए।
प्रस्तावित ढांचा अनावश्यक सत्यापन चरणों को कम करने और दस्तावेजीकरण को सरल बनाने पर भी केंद्रित है। उदाहरण के लिए, यदि किसी ग्राहक का मोबाइल नंबर पहले से ही केआरए प्रणाली में आधार से जुड़ा हुआ है, तो मध्यस्थों को अब स्वतंत्र सत्यापन करने की जरूरत नहीं होगी। जिन ग्राहकों ने पैन और आधार कार्ड पर नाम अपडेट किया है, उन्हें अब मध्यस्थों को नाम परिवर्तन का अलग से प्रमाण देने की जरूरत नहीं होगी।
इसी तरह, भारत में 182 दिनों से अधिक समय से रह रहे प्रवासी भारतीय नागरिक (ओसीआई) कार्डधारकों के लिए विदेशी पते की जरूरत वैकल्पिक हो जाएगी। हालांकि, उनको अपने भारतीय निवास का प्रमाण देना होगा। मध्यस्थों को किसी भी खाते को बंद करने की सूचना तीन कार्यदिवसों के भीतर केआरए को देनी होगी। उन्हें अगले दो कार्यदिवसों के भीतर रिकॉर्ड को अपडेट करना होगा।

