विदेशी निवेशकों ने साल की शुरुआत में निकाले ₹19,000 करोड़, शेयर बाजार में निवेशकों के डूबे ₹8.7 लाख करोड़
मुंबई- घरेलू शेयर बाजार के निवेशकों के लिए नए साल की शुरुआत अच्छी नहीं रही है। जनवरी में अब तक बाजार की गिरावट के चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर सूचीबद्ध कंपनियों की पूंजी 8.74 लाख करोड़ रुपये घट गई है। इसका मूल कारण वैश्विक स्तर पर तनाव और भारतीय बाजार से विदेशी निवेशकों की लगातार पूंजी निकासी है।
बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी को सूचीबद्ध कंपनियों की पूंजी 476.92 लाख करोड़ रुपये थी जो अब घटकर 468.18 लाख करोड़ रुपये रह गई है। यानी 8.74 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है। इसी दौरान बीएसई सेंसे्स 1,806 अंक टूटकर 83,382 पर आ गया है। बाजार की इस भारी गिरावट में लार्ज कैप कंपनियों यानी बड़े शेयरों का ज्यादा योगदान रहा है। इसका पता इस बात से चलता है कि इस साल रिलायंस इंडस्ट्रीज की पूंजी 1.40 लाख करोड़ रुपये घट गई है।
विश्लेषकों के मुताबिक, भारतीय शेयर बाजार के लिए इस साल की शुरुआत एक दशक में सबसे खराब शुरुआत है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में लगभग 2 फीसदी की गिरावट आई है। इसका तात्कालिक कारण वैश्विक मुद्रा की भारी निकासी है। विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) भारत-अमेरिका टैरिफ समझौते में देरी को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच दलाल स्ट्रीट से पहले ही 2 अरब डॉलर निकाल चुके हैं। विश्लेषकों का मानना है कि बजट से पहले बाजार में भारी उथल-पुथल की संभावना है। ऐसे में निवेशकों को इस समय सतर्कता बरतने की जरूरत है।

