एसआईपी निवेश ने रचा इतिहास, मासिक निवेश 31 हजार करोड़ के पार, एयूएम 16.63 लाख करोड़ रुपये पहुंचा
मुंबई- सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) म्युचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन है। एसआईपी के जरिए म्युचुअल फंड में ताबड़तोड़ निवेश का सिलसिला पिछले महीने भी जारी रहा। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड इन इंडिया (AMFI) डेटा के मुताबिक, दिसंबर 2025 में एसआईपी ने नया रिकॉर्ड बनाया और पहली बार निवेश 31,000 करोड़ के पार चला गया। नवंबर में एसआईपी इनफ्लो 29,445 करोड़ रुपये था। इसके साथ ही SIP के तहत एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर 16.63 लाख करोड़ रुपये हो गईं, जो म्युचुअल फंड इंडस्ट्री के कुल एसेट का 20.7 फीसदी है। वहीं, बीते महीने SIP स्टॉपेज रेशियो बढ़कर 85 फीसदी पर पहुंच गया।
दिसंबर के दौरान म्युचुअल फंड इंडस्ट्री में 60.46 लाख नए SIP रजिस्टर हुए, जो नवंबर में रजिस्टर 57.13 लाख SIPs से ज्यादा हैं। वहीं, 51.57 लाख SIPs बंद किए गए या मैच्योर होकर समाप्त हुए, जबकि पिछले महीने यह संख्या लगभग 43.18 लाख थी। इससे दिसंबर में SIP स्टॉपेज रेशियो बढ़कर करीब 85 फीसदी हो गया, जो नवंबर में 75.56 फीसदी से काफी ज्यादा है।
SIP स्टॉपेज रेशियो यह दिखाता है कि किसी महीने में जितने नए SIP शुरू हुए, उनकी तुलना में कितने SIP बंद (या मैच्योर होकर समाप्त) हुए। अगर यह रेशियो 100 फीसदी से ऊपर चला जाता है, तो इसका मतलब होता है कि उस महीने शुरू होने वाले SIPs से ज्यादा SIPs बंद हो गए। दिसंबर में SIP खातों की संख्या 3.9 फीसदी बढ़कर 9.79 करोड़ हो गई, जो नवंबर में 9.43 करोड़ थी।
SIP के जरिए म्युचुअल फंड योजनाओं में निवेश 3 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। किसी एक कैलेंडर वर्ष में ऐसा पहली बार हुआ है। साल 2025 में निवेशकों ने एसआईपी के जरिये म्युचुअल फंड योजनाओं में लगभग 3.35 लाख करोड़ हैं। म्युचुअल फंडों के संगठन एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया के आंकड़ों से पता चलता है कि 2024 में एसआईपी योजनाओं में कुल निवेश 2.69 लाख करोड़ रुपये था।

