खाद्य वस्तुएं महंगी हुईं, तीन महीने के उच्च स्तर पर पहुंची खुदरा महंगाई दर

मुंबई- भारत में महंगाई से जुड़ा ताजा डेटा सामने आया है, जिसमें दिसंबर 2025 में खुदरा महंगाई में साफ बढ़त दर्ज की गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि महंगाई अब भी रिजर्व बैंक की तय निचली सीमा से नीचे बनी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आधार पर मापी जाने वाली खुदरा महंगाई दिसंबर 2025 में बढ़कर 1.66 प्रतिशत पर पहुंच गई। इससे पहले नवंबर में यह महंगाई 0.71 प्रतिशत थी। यह जानकारी सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की ओर से जारी की गई। महंगाई में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम बढ़ने की वजह से हुई।

दिसंबर महीने में पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स, सब्जियां, मांस और मछली, अंडा, मसाले, दालें और उनसे जुड़े उत्पाद महंगे हुए, जिसका सीधा असर कुल महंगाई दर पर पड़ा। हालांकि दिसंबर में महंगाई बढ़ी, लेकिन इसके बावजूद यह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की निचली सहनशील सीमा 2 प्रतिशत से नीचे ही रही। इससे पहले नवंबर 2025 में भी महंगाई में तेजी आई थी, जब यह अक्टूबर के रिकॉर्ड निचले स्तर 0.25 प्रतिशत से ऊपर आई थी। खाद्य पदार्थों की कीमतों में पहले आई नरमी की वजह से महंगाई लंबे समय से काबू में बनी हुई थी। खास तौर पर सब्जियों, दालों और मसालों के दाम कम रहने से महंगाई पर दबाव कम देखा गया।

दिसंबर 3 से 5 के बीच हुई मौद्रिक नीति समिति की बैठक में RBI ने FY26 के लिए महंगाई का अनुमान घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया। इससे पहले यह अनुमान 2.6 प्रतिशत रखा गया था। वहीं, FY26 की तीसरी तिमाही (Q3) के लिए महंगाई 0.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। ताजा आंकड़े बताते हैं कि भले ही दिसंबर में महंगाई में बढ़त हुई हो, लेकिन कुल मिलाकर यह अभी भी कंट्रोल में मानी जा रही है और केंद्रीय बैंक के अनुमान के दायरे में बनी हुई है।

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