वोडाफोन को मिली बड़ी राहत, 6 साल तक सालाना 124 करोड़ रुपये का ही देना होगा एजीआर
मुंबई-संकटग्रस्त दूरसंचार ऑपरेटर वोडाफोन आइडिया को भारी राहत मिली है। 10 वर्षों में सरकार को एजीआर बकाया में से 1,144 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी। अगले 6 वर्षों में यानी 2031-32 तक सालाना 124 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। मार्च, 2032 से मार्च, 2035 तक चार वर्षों में 100 करोड़ रुपये सालाना देना होगा। बाकी भुगतान मार्च, 2036 से मार्च, 2041 तक समान वार्षिक किस्तों में करना होगा। इस फैसले से कंपनी के 20 करोड़ उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा होगी।
सरकार ने वोडाफोन आइडिया (वीआईएल) के एजीआर बकाया को 87,695 करोड़ रुपये पर स्थिर कर दिया है। इसका भुगतान 2040-41 तक पूरा करना होगा। वीआई को भेजी सूचना में दूरसंचार विभाग ने कहा, दूरसंचार सेवाओं की बिक्री से अर्जित राजस्व (एजीआर) के मामले में कर्ज में डूबी कंपनियों को दी जाने वाली राहत का विवरण दिया गया है। सरकार ने 31 दिसंबर को दूरसंचार कंपनी के बकाया पर आंशिक रोक को मंजूरी दी, जिससे 9.76 अरब डॉलर के भुगतान रोक दिए गए और पुनर्भुगतान स्थगित कर दिए गए।
इन बकाया के अलावा, 2017-18 और 2018-19 के एजीआर बकाया, जिन्हें सितंबर 2020 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर अंतिम रूप दिया गया था, अब बिना किसी बदलाव के 2025-26 से 2030-31 वित्तीय वर्षों में भुगतान किए जाने होंगे। सरकार की वीआई में लगभग 48.9 फीसदी हिस्सेदारी है।
मार्च तक देना था 18,000 करोड़ रुपये
कर्ज में डूबी वोडाफोन को इस साल मार्च तक लगभग 18,000 करोड़ रुपये और सरकार से राहत न मिलने की स्थिति में अगले छह वर्षों तक हर साल इतनी ही राशि का भुगतान करना था। वीआईएल ने इस वर्ष की शुरुआत में विभाग को लिखे पत्र में कहा था कि स्पेक्ट्रम बकाया के रूप में 1.19 लाख करोड़ रुपये सहित सरकार के प्रति उसकी देनदारी लगभग 2 लाख करोड़ रुपये है। ऐसे में, यदि सरकार सहायता नहीं करती है, तो केंद्र को स्पेक्ट्रम बकाया की वसूली न होने, 53,083 करोड़ रुपये के इक्विटी मूल्य के शून्य हो जाने और एजीआर बकाया की वसूली न होने के कारण भारी प्रत्यक्ष वित्तीय नुकसान होगा।

