सर्वे: एआई और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच 84% भारतीय पेशेवर नई नौकरी के लिए खुद को तैयार नहीं मानते

मुंबई- भारतीय पेशेवरों का एक बड़ा हिस्सा 2026 में नई नौकरी की तलाश में है। लेकिन बढ़ती प्रतिस्पर्धा, नौकरी के लिए उपयुक्त उम्मीदवारों की अनिश्चितता व कौशल की कमी से कई लोग एआई आधारित भर्ती प्रक्रिया में खुद को असमंजस में पाते हैं। लिंक्डइन के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में एआई के बढ़ते उपयोग, आज की नौकरियों के लिए तेजी से बदलती कौशल की मांग और तेजी से प्रतिस्पर्धी लेकिन चुनिंदा नौकरी बाजार के बीच 84 फीसदी पेशेवर नई नौकरी खोजने के लिए खुद को तैयार महसूस नहीं करते हैं।

यह सर्वे 19,113 लोगों (18-79 आयु वर्ग) के बीच किया गया था। ये लोग पूर्णकालिक/अंशकालिक काम करते हैं या बेरोजगार हैं और वर्तमान में नौकरी की तलाश में हैं। यह सर्वेक्षण 13 से 28 नवंबर, 2025 के बीच और 6,554 वैश्विक मानव संसाधन पेशेवरों के बीच किया गया था। भारत में प्रत्येक रिक्त पद के लिए आवेदकों की संख्या 2022 की शुरुआत से दोगुनी से अधिक हो गई है। इससे प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है और कई लोग खुद को तैयार महसूस नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा, लगभग 74 फीसदी भारतीय कंपनियों ने कहा, पिछले एक साल में योग्य प्रतिभाओं को ढूंढना कठिन हो गया है।

भारत के रोजगार बाजार में करियर निर्माण और प्रतिभा मूल्यांकन में एआई एक मूलभूत भूमिका निभाता है। पेशेवरों को सबसे अधिक जरूरत इस बात की स्पष्ट समझ की है कि उनके कौशल अवसरों में कैसे तब्दील होते हैं और भर्ती संबंधी निर्णय वास्तव में कैसे लिए जाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उद्देश्यपूर्ण उपयोग से एआई उपकरण इस अंतर को पाट सकते हैं। इससे लोगों को अपनी जरूरतों के अनुरूप भूमिकाएं पहचानने, सोच-समझकर तैयारी करने और अपने सीखने को उन क्षेत्रों पर केंद्रित करने में मदद मिलती है जहां इसकी सबसे अधिक जरूरत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *