फ्लाइट कैंसिलेशन के बाद सरकार सख्त, सभी बड़ी एयरलाइंस से मांगा किराया वसूली का ब्योरा
मुंबई- डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने इंडिगो समेत एअर इंडिया, स्पाइसजेट और अकासा एयर से दिसंबर महीने के दौरान वसूले गए एवरेज किराए का पूरा डेटा मांगा है। केंद्र सरकार ने यह कदम तब उठाया, जब पिछले महीने पायलटों की कमी के चलते इंडिगो ने हजारों फ्लाइट्स कैंसिल की थीं। जिससे पैसेंजर्स को भारी परेशानी हुई और उन्हें कई गुना किराया चुकाना पड़ा था।
इंडिगो ने अकेले दिसंबर में लगभग 4,500 फ्लाइट्स कैंसिल कीं थीं। कंपनी के पास पायलटों की भारी कमी हो गई थी, जिसके कारण उसे रोजाना के अपने 2,300 ऑपरेशन्स में से बड़ी संख्या में उड़ानें रोकनी पड़ीं। इस संकट का असर पूरे देश के हवाई यातायात पर पड़ा और मजबूरी में सफर करने वाले यात्रियों से एयरलाइंस ने मोटा किराया वसूला।
कॉम्पिटिशन कमिशन ऑफ इंडिया (CCI) ने इंडिगो के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। कमिशन इस बात की पड़ताल कर रहा है कि क्या इंडिगो ने अपनी मजबूत स्थिति का फायदा उठाकर किरायों में अनुचित बढ़ोतरी की है। नियमों के मुताबिक, कोई भी कंपनी बाजार में अपनी बड़ी हिस्सेदारी का इस्तेमाल ग्राहकों के शोषण के लिए नहीं कर सकती।
फ्लाइट्स कैंसिल होने के पीछे मुख्य वजह DGCA द्वारा पायलटों के ड्यूटी और रेस्ट (FDTL) नियमों को सख्ती से लागू करना बताया जा रहा है। नए नियमों के तहत पायलटों के लिए साप्ताहिक आराम बढ़ा दिया गया है और रात में उड़ान भरने के घंटों को कम किया गया है। इंडिगो ने इन नियमों के हिसाब से अपने रोस्टर को मैनेज नहीं कर पाया, जिससे आखिरी वक्त पर फ्लाइट्स ग्राउंड करनी पड़ीं थीं।

