मिलीभगत से बढ़ा रहीं थीं भाव, 25 कंपनियों पर लगेगा भारी जुर्माना

मुंबई- मिलीभगत के जरिये स्टील की कीमतों को ऊंचा रखने के मामले में 25 स्टील कंपनियों पर भारी जुर्माना लगने का खतरा है। इनमें जेएसडब्ल्यू स्टील, टाटा स्टील, श्याम स्टील, सरकारी कंपनी सेल सहित कुल 25 कंपनियां शामिल हैं। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने इन सभी को कानूनों का उल्लंघन करने का दोषी पाया है।

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने 6 अक्तूबर के एक आदेश में जेएसडब्ल्यू के प्रबंध निदेशक सज्जन जिंदल, टाटा स्टील के सीईओ टी.वी. नरेंद्रन और सेल के चार पूर्व अध्यक्षों सहित 56 शीर्ष अधिकारियों को 2015 से 2023 के बीच मूल्य मिलीभगत के लिए उत्तरदायी ठहराया है। यह आदेश अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। सीसीआई की जांच स्टील उद्योग से जुड़ा सबसे चर्चित मामला है। इसकी जांच 2021 में तब शुरू हुई जब बिल्डरों के एक समूह ने कोर्ट में एक आपराधिक मामला दायर कर आरोप लगाया कि नौ कंपनियां सामूहिक रूप से स्टील की आपूर्ति को सीमित कर कीमतें बढ़ा रही हैं।

बिल्डरों के आरोप के बाद सीसीआई ने कुछ छोटी स्टील कंपनियों पर छापा मारा था। अक्तूबर के आदेश से पता चलता है कि बाद में जांच का दायरा बढ़ाकर 31 कंपनियों और उद्योग समूहों के साथ दर्जनों अधिकारियों तक कर दिया गया। सीसीआई की जांच में पक्षों का आचरण भारतीय एंटीट्रस्ट कानून का उल्लंघन पाया गया है। कुछ व्यक्तियों को भी दोषी ठहराया गया है। निष्कर्षों की समीक्षा सीसीआई के शीर्ष अधिकारी करेंगे। कंपनियों और अधिकारियों को भी इस प्रक्रिया में आपत्तियां प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। जांच के दायरे को देखते हुए इसमें कई महीने लगने की संभावना है। इसके बाद सीसीआई अंतिम आदेश जारी करेगा।

तीन कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी 40 फीसदी

भारतीय बाजार में जेएसडब्ल्यू स्टील की हिस्सेदारी 17.5 फीसदी, टाटा स्टील की 13.3 और सेल की 10 फीसदी है। मार्च, 2025 को समाप्त पिछले वित्त वर्ष में जेएसडब्ल्यू स्टील का राजस्व 14.2 अरव डॉलर था। टाटा स्टील का राजस्व 14.7 अरब डॉलर था। सीसीआई को स्टील कंपनियों पर उनके लाभ के तीन गुना या टर्नओवर के 10 फीसदी तक, जो भी अधिक हो, प्रत्येक वर्ष की अनियमितता के लिए जुर्माना लगाने का अधिकार है। व्यक्तिगत अधिकारियों पर भी जुर्माना लगाया जा सकता है।

8 वित्त वर्षों का वित्तीय विवरण पेश करने का आदेश

अक्तूबर के आदेश के अनुसार, सीसीआई ने कंपनियों से 2023 तक के आठ वित्त वर्षों के ऑडिट किए गए वित्तीय विवरण प्रस्तुत करने को कहा है। अधिकारियों ने स्टील उत्पाद निर्माताओं के क्षेत्रीय उद्योग समूहों के बीच व्हाट्सएप संदेशों का पता लगाया था, जिनसे गड़बड़ी का संकेत मिलता है।

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