इंडिया रेटिंग का अनुमान, अगले वित्त वर्ष में 6.9 फीसदी रहेगी विकास दर
नई दिल्ली। जीएसटी और आयकर में कटौती जैसे प्रमुख सुधार और व्यापार समझौते अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करेंगे। इससे वैश्विक अस्थिरता से सुरक्षा होगी। इस स्थिति में अगले वित्त वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था 6.9 फीसदी की दर से बढ़ सकती है। इंडिया रेटिंग का अनुमान है कि इस दौरान खुदरा महंगाई औसतन 3.8 फीसदी पर रह सकती है। कम टैरिफ वाले भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से जीडीपी वृद्धि में और इजाफा होगा।
इंडिया रेटिंग ने कहा, चालू वित्त वर्ष में वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.4 फीसदी और नॉमिनल वृद्धि 9 फीसदी रहने का अनुमान है। 2026-27 में रुपया प्रति डॉलर औसतन 92.26 के स्तर पर रहेगा। यह चालू वित्त वर्ष के 88.64 प्रति डॉलर से अधिक है। केंद्र सरकार का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के फीसदी के रूप में ऋण 2026-27 में घटकर 55.5 फीसदी होने का अनुमान है। चालू वित्त वर्ष में अनुमान 56.3 फीसदी है। सरकार का अनुमान है कि अगले 3-4 वर्षों में ऋण को जीडीपी के 50 फीसदी तक कम कर दिया जाएगा।
मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) विशेष रूप से न्यूजीलैंड, ब्रिटेन और ओमान के साथ विदेशी निवेश को बढ़ावा देंगे। अधिक विदेशी निवेश आकर्षित करके चालू खाता घाटा को कम रखने में मदद करेंगे। 2026-27 में कुल बजट का आकार 2025-26 के अनुमानित 50 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 52 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। कर राजस्व में कमी के कारण 2025-26 के संशोधित अनुमानों में बजट का आकार लगभग 49 लाख करोड़ रुपये होगा।

