एअर इंडिया के कमजोर प्रदर्शन से असंतुष्ट टाटा समूह, नए सीईओ की तलाश शुरू, कैंपबेल विल्सन की होगी विदाई

मुंबई- टाटा समूह की विमानन कंपनी एअर इंडिया के वर्तमान सीईओ कैंपबेल विल्सन की जगह नए सीईओ की तलाश शुरू हो गई है। पिछले साल जून में हुए घातक विमान हादसे के बाद एयरलाइन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इससे वह अब नए हाथों में कमान सौंपना चाहती है। विल्सन का कार्यकाल 2027 में समाप्त होगा।

जून में हुए एअर इंडिया विमान हादसे के बाद नियामकों ने आपातकालीन उपकरणों की जांच के बिना विमान उड़ाने से लेकर इंजन के पुर्जों को बदलने में देरी, जालसाजी और चालक दल की थकान के प्रबंधन में खामियों तक कई तरह की कमियों को उजागर किया है। विल्सन ने जुलाई 2022 में एअर इंडिया के सीईओ और प्रबंध निदेशक का पदभार संभाला था। इससे पहले उन्होंने सिंगापुर एयरलाइंस में 26 साल काम किया था। एअर इंडिया में विल्सन का कार्यकाल जून, 2027 में समाप्त होगा।

समूह के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने एअर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन के उत्तराधिकारी के रूप में कम से कम दो प्रमुख ब्रिटेन और अमेरिका स्थित अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से बातचीत की है। इन अधिकारियों ने बताया, चंद्रेशेखरन जमीनी स्तर पर कार्यों और सुधारों की धीमी गति से असंतुष्ट हो गए हैं। समूह की कम लागत वाली एअर इंडिया एक्सप्रेस में भी इसी तरह के नेतृत्व परिवर्तन होने की संभावना है। इसके वर्तमान मुख्य कार्यकारी अधिकारी आलोक सिंह का कार्यकाल भी 2027 में समाप्त होगा।

जानकारों के मुताबिक, विल्सन का कार्यकाल समाप्त होने से काफी पहले ही एअर इंडिया को एक नया कप्तान मिल सकता है। बताया जा रहा है कि चंद्रशेखरन ने पिछले कुछ महीनों में विल्सन के साथ नियमित रूप से प्रदर्शन समीक्षा पर चर्चा की है। विल्सन के एक करीबी सूत्र ने बताया कि कार्यकारी अधिकारी उत्तराधिकार योजना का हिस्सा हैं और उन्होंने बोर्ड को पहले ही बता दिया है कि वे 2027 के बाद पद पर बने रहने में असमर्थ हैं।

न्यूजीलैंड के कैंपबेल विल्सन जून 2022 में एअर इंडिया से जुड़े थे। उनके कार्यकाल में एअर इंडिया ने 470 नए विमानों का ऐतिहासिक ऑर्डर दिया, लेकिन साथ ही कई विवाद भी जुड़े रहे। ‘पेशाब कांड’ जैसी घटनाओं और केबिन की खराब हालत (टूटी सीटें, काम न करने वाली स्क्रीन) ने एयरलाइन की इमेज को नुकसान पहुंचाया। सोशल मीडिया पर यात्री अक्सर फ्लाइट्स में देरी और खराब सर्विस को लेकर कैंपबेल विल्सन के नेतृत्व पर सवाल उठाते रहे हैं।

मर्जर के बाद विस्तारा के CEO विनोद कन्नन की भूमिका को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि फिलहाल टाटा ग्रुप बाहर से किसी बड़े अनुभवी चेहरे को लाने पर विचार कर रहा है। आने वाले हफ्तों में इस पर आधिकारिक घोषणा हो सकती है। विल्सन का कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के करीब है, ऐसे में ग्रुप जल्द ही उत्तराधिकारी का नाम फाइनल कर सकता है। नए CEO के सामने सबसे बड़ी चुनौती पुरानी पड़ चुकी फ्लीट (पुराने विमानों) को सुधारना और एयरलाइन के वर्क कल्चर को टाटा के मानकों के अनुरूप ढालना होगा। एअर इंडिया फिलहाल इंडिगो के साथ मार्केट शेयर की जंग लड़ रही है।

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