इस साल 20 फीसदी तक फायदा दे सकता है शेयर बाजार, यह है कारण

मुंबई- लगातार नई ऊंचाई बना रहा भारतीय शेयर बाजार इस साल निवेशकों को 20 फीसदी तक का मुनाफा दे सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि सरकारी खर्च बढ़ने और कंपनियों की आय में निरंतर तेजी से बाजार को गति मिल रही है। यही वजह है कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) सेंसेक्स 80,000 के पार पहुंच चुका है।

बाजार के विश्लेषकों का कहना है कि इस साल में पहली छमाही तक सेंसेक्स ने 12 फीसदी का फायदा दिया है। एक सर्वेक्षण में विश्लेषकों का मानना है कि आगामी बजट से उपभोक्ता खर्च और बुनियादी ढांचे के निर्माण को बढ़ावा मिलने की संभावना है। बजट सस्ते आवास, पूंजीगत खर्च और उपभोक्ता व्यवसायों से संबंधित क्षेत्रों के लिए सकारात्मक होगा। ऐसे में एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स इस साल के अंत तक 26,000 अंक तक जा सकता है। यह अभी 24,300 पर है। इस आधार पर करीब 9 फीसदी का फायदा मिलने की उम्मीद है।

हाल के चुनावों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को बहुमत नहीं मिलने के बावजूद भी सरकार समर्थन बढ़ाने के लिए अधिक लोकलुभावन उपायों की ओर रुख करेगी। एलारा कैपिटल के रिसर्च प्रमुख बिनो पाथिपरमपिल ने कहा, बीते वर्ष के लिए कॉरपोरेट आय मार्जिन मजबूत रहा है। चालू वित्त वर्ष में यह उससे ज्यादा बढ़ सकती है, जिससे भारत मध्यम अवधि में मजबूत विकास करेगा।

विश्लेषकों का अनुमान है इस साल जनवरी से दिसंबर के लिए एमएससीआई इंडिया इंडेक्स की कंपनियों की प्रति शेयर आय 15.6 फीसदी बढ़ जाएगी। इसकी तुलना में चीनी कंपनियों की प्रति शेयर आय 10 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है। निवेशक अब ध्यान इस महीने आने वाले बजट पर लगा रहे हैं, जो नई गठबंधन सरकार के तहत मोदी की नीतिगत प्राथमिकताओं को सामने रखेगा। सरकार गवर्नेंस की सर्वोच्च प्राथमिकता, बुनियादी ढांचे के लिए पूंजीगत खर्च को जारी रखते हुए उपभोग का समर्थन करती रहेगी।

विश्लेषकों का मानना है कि पूंजीगत खर्च को बढ़ावा देना सरकार की मुख्य प्राथमिकता होगी। उपभोक्ता मांग को भी बढ़ाने पर सरकार जोर देगी। जेफरीज फाइनेंशियल ग्रुप के रणनीतिकारों ने हाल में कहा, सरकार उच्च पूंजीगत खर्च और सामाजिक खर्च पर जोर देकर साथ हर किसी को खुश कर सकती है। इसके लिए आरबीआई के मिले लाभांश का बहुत बड़ा योगदान होगा।

एसएमई आईपीओ के लिस्टिंग में ऊंचे रिटर्न के बीच एनएसई ने अब एसएमई के सूचीबद्धता मूल्य पर सीमा लगा दी है। भाव में उतार-चढ़ाव को सीमित करने के लिए यह फैसला लिया गया है। एनएसई ने कहा, शेयर के प्री ओपन सेशन में शेयर का भाव 90 फीसदी से ज्यादा नहीं बढ़ सकता है। यह निर्णय तुरंत लागू हो गया है। कई आईपीओ के शेयरों ने लिस्टिंग के समय 100 फीसदी तक का फायदा दिया है।

जेपी मॉर्गन का कहना है कि पिछले महीने आईटी शेयरों ने निफ्टी 50 की तुलना में 10 फीसदी ज्यादा फायदा दिया है। आईटी शेयर मूल्यांकन के ऊपरी भाव कारोबार कर रहे हैं। पहली तिमाही में इन शेयरों में अभी भी सुधार की उम्मीद है, क्योंकि इन कंपनियों के पास बड़े ऑर्डर हैं।

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