इंडिगो के फ्लाइट से 17 दिन में मिला सामान, देना पड़ा 70,000 का मुआवजा

मुंबई- IndiGo Airlines की एक फ्लाइट में एक पैसेंजर ने जेद्दा से हैदराबाद की यात्रा की। लेकिन हैदराबाद एयरपोर्ट पर उनका सामान गायब था। उन्होंने शिकायत की तो कहा गया अगले 12 घंटे में सामान की डिलीवरी कर दी जाएगी। लेकिन सामान मिला 17 दिनों में। उन्होंने कंज्यूमर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

हैदराबाद के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (District Consumer Disputes Redressal Commission) या कंज्यूमर कोर्ट ने इंडिगो एयरलाइंस को सामान की डिलीवरी में 17 दिनों की देरी के लिए जिम्मेदार ठहराया। इस देरी के लिए पीड़ित व्यक्ति को 70,000 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है, जिसमें 20,000 रुपये का मुआवजा भी शामिल है।

पीड़ित यात्री सैयद जावेद अख्तर जैदी (Syed Javed Akhtar Zaidi) ने साल 2023 के जून में जेद्दा से हैदराबाद की यात्रा की थी। हैदराबाद लैंड करने के बाद वह लगेज बेल्ट पर इंतजार करते रहे, लेकिन सामान नहीं आया। बाद में एयरलाइन के प्रतिनिधि से संपर्क करने पर पता चला कि उनका सामान गायब है। यह घटना तब हुई जब जैदी जून 2023 में जेद्दा से हैदराबाद की यात्रा कर रहे थे।

उन्हें एयरलाइंस ने बताया कि उनका सामान मिसिंग है। उन्हें बताया गया कि अगले 12 घंटे के अंदर इसकी डिलीवरी कर दी जायेगी। हालांकि, एयरलाइंस अपना वादा पूरा करने में विफल रही और ईमेल या कॉल का भी जवाब नहीं दिया।

शिकायतकर्ता ने कोर्ट में दावा किया कि बैग के अंदर महत्वपूर्ण दस्तावेज और कपड़े थे। दस्तावेजों के नहीं रहने के कारण उन्हें अपने व्यवसाय में नुकसान हुआ। उनकी यात्रा का उद्देश्य विफल हो गया क्योंकि दस्तावेजों की अनुपलब्धता के कारण उनको अधिकांश व्यावसायिक बैठकें रद्द करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने दौरे के दौरान कपड़े और अन्य सामान खरीदने के लिए लगभग 80,000 रुपये खर्च करने पड़े क्योंकि उन्हें इस शहर में 18 दिन का लंबा प्रवास था।

अपने बचाव में, इंडिगो ने तर्क दिया कि, हवाई परिवहन अधिनियम, 1972 के खंड 17 (अनुसूची 3) (Clause 17 (Schedule 3) of the Carriage by Air Act, 1972) के अनुसार, वाहक का दायित्व केवल तभी उत्पन्न होता है जब वह चेक-इन बैगेज को अराइवल डेट से 21 दिनों की अवधि के भीतर वितरित करने में विफल रहता है। यात्री का सामान 17 दिनों में डिलीवर कर दिया गया, जिसके कारण शिकायतकर्ता को मुआवजे की मांग करने का कोई अधिकार नहीं है।

फोरम ने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि इंडिगो की सेंट्रल बैगेज ट्रेसिंग यूनिट (CBTU) टीम ने जैदी के चेक-इन बैगेज का पता लगाने की पहल की थी और उक्त मामले को जेद्दा और हैदराबाद दोनों हवाई अड्डों पर अपने कर्मचारियों को भेज दिया था और सामान की खोज में तेजी लाने का प्रयास किया। कोर्ट ने एयरलाइन को आदेश दिया कि वह जैदी को सामान खरीदने के बदले 50,000 रुपये दे। साथ ही वह 20,000 रुपये का मुआवजा भी दे।

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