हर महीने 7,474 रुपये का निवेश कर आप बन सकते हैं इस तरह करोड़पति

मुंबई- हर महीने मात्र 7,474 रुपये का निवेश कर आप करोड़पति बन सकते हैं। आप अगले 25 सालों तक हर महीने 7,474 रुपये का निवेश 10 फीसदी का रिटर्न देने वाले किसी साधन में करना शुरू करते हैं, तो यकीन मानिए आप करोड़पति बन जाएंगे। हाँ, यह वाकई संभव है, क्योंकि निवेश और चक्रवृद्धि ब्याज की शक्ति इसी तरह काम करती है।

शुरुआत में एक करोड़ बना लेना एक बड़ी रकम लगती है। हममें से ज्यादातर लोगों के लिए यह है भी। लेकिन, जैसे ही आप समस्या को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटना शुरू करते हैं, तो लक्ष्य वास्तव में हासिल करने योग्य लगने लगता है। आपके पास अपना पैसा किसी डिपॉजिट में लगाने का विकल्प है जो 10 फीसदी कमा सकता है या फिर ऐसे म्यूचुअल फंड की तलाश करें जिसका इतिहास लंबी अवधि में औसतन 10 फीसदी रिटर्न कमाने का रहा हो। आपको बस नियमित रूप से योगदान करना होता है। यह आसान है और इसका पालन करना भी आसान है। यह निश्चित रूप से आपको अपना लक्ष्य हासिल करने में मदद करेगा।

मैं करोड़पति बनने के लिए क्रिकेट को एक उदाहरण के रूप में ले रहा हूँ। जब एक बल्लेबाज एक और दो रन बनाता है तो वही रन आगे एक बड़ा शतक बनाने में मदद करता है। उसी तरह आपका कुछ हजार का योगदान करोड़पति बनने में मददगार साबित होगा। आज, सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिये हर महीने म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। खास तौर पर उन लोगों के लिए जिन्हें मासिक वेतन मिलता है।अगर आपको लगता है कि हर महीने 7,474 बहुत अधिक है, तो आप 5,000 से इसे शुरू कर सकते हैं। अगले 20 सालों तक हर 5 साल में इसे 2,500 रुपये तक बढ़ा सकते हैं और इस तरह से आप एक करोड़पति बन जाएंगे।

ऊपर दिए गए उदाहरण में आप पहले पांच वर्षों के लिए 5,000 का निवेश करते हैं। अगले पांच वर्षों में 2,500 रुपये जोड़ते हैं, जिससे 5 वर्षों के लिए हर महीने 7,500 और अगले पांच वर्षों में 10,000 रुपये। अंतिम पांच वर्षों में आप 12,500 रुपये का निवेश करेंगे। गणितीय रूप से यह संभव भी है और व्यावहारिक भी है। आप बस हर पांच साल के बाद अपने शुरुआती निवेश में 50 फीसदी वृद्धि करते जा रहे हैं। खास बात यह है कि आपको नियमित रूप से निवेश करते रहना चाहिए और लक्ष्य तक पहुंचने तक निवेश में बने रहना चाहिए।

हमारे पास उतने करोड़पति नहीं हैं जितने हो सकते थे, क्योंकि अक्सर जो निवेशक शुरुआत करते हैं, वे कुछ सालों बाद धीरज खो बैठते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि उन्हें वह परिणाम नहीं मिलता जो वे देखना चाहते हैं। उन्हें अपने निवेशों के बारे में अपने बच्चे की तरह सोचना चाहिए। पहले वे छोटे होते हैं और वयस्क होने से पहले कई सालों तक ऐसे ही रहते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि आप उन्हें खिलाना बंद कर दें या कोई उम्मीद पालना छोड़ दें। यदि आपका बच्चा स्कूल में किसी विषय में कमजोर है, तो आप उसे कोचिंग देने पर विचार करते हैं। यही आप अपने निवेश के लिए भी कर सकते हैं। जिस साल कुछ आमदनी कम हो या शेयर बाजार सुस्त हो, उस साल आप कुछ ज्यादा मेहनत कर भरपाई कर सकते हैं।

किसी भी हाल में आपको अपने निवेश को छोड़ना नहीं चाहिए। आपको निवेश में विश्वास रखना चाहिए। पूरे कोर्स के लिए निवेशित रहना चाहिए। म्यूचुअल फंड के साथ अच्छी बात यह है कि ये लचीले, अच्छी तरह से रेगुलेटेड होते हैं। निवेशकों को फंड के प्रकार और उनके पिछले प्रदर्शन ट्रैक रिकॉर्ड के मामले में बहुत सारे विकल्प प्रदान करते हैं। अच्छी तरह से रेगुलेटेड होने के कारण आपको अपने पैसे खोने या धोखाधड़ी होने के बारे में कोई भी डर नहीं होना चाहिए। एसआईपी का नियमित निवेश मॉडल म्यूचुअल फंड को बड़ी संख्या में लोगों के लिए राह आसान कर देता है और आप निवेश को आदत बनाने के लिए इस पद्धति का उपयोग कर सकते हैं।

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