महंगाई ज्यादा, निचले स्लैब के लोगों को मिले इनकम टैक्स में राहत- सीआईआई

मुंबई- भारतीय उद्योग परिसंघ यानी सीआईआई के नए प्रेसीडेंट संजीव पुरी का मानना है कि जुलाई में पेश होने वाले बजट में निचले स्लैब के लोगों को आयकर में राहत मिलनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि महंगाई ज्यादा है। अच्छे मानसून की उम्मीद के कारण इस वर्ष महंगाई दर संभवत: 4.5 प्रतिशत के आसपास रहने की उम्मीद है।

पुरानी व्यवस्था में आयकर छूट सीमा 2.5 लाख रुपये तक की आय पर लागू होती है। नई व्यवस्था में यह 3 लाख रुपये तक की आय पर है। पुरी ने कहा, हमारा सुझाव है कि सरलीकरण की प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए। स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) और दरों की बहुलता में कुछ परिचालन कठिनाइयां हैं। इन सबका सरलीकरण जरूरी है।

पुरी ने कहा, सीमा शुल्क के मोर्चे पर हमें त्रिस्तरीय संरचना की ओर बढ़ना चाहिए। सबसे निचले स्तर पर प्राथमिक, बीच में मध्यवर्ती और फिर तैयार माल और कुछ समय की अवधि में कुछ अपवादों के साथ मध्यम दरें होनी चाहिए। गठबंधन राजनीति की मजबूरियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में सुधारों में बाधा नहीं बनेंगी। भारतीय अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन और पिछले दो कार्यकाल में नीतियों की सफलता इस प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए आधार तैयार करेगी।

पुरी ने कहा, आगे अच्छे मानसून के कारण खाद्य पदार्थों की कीमतें कम हो सकती हैं। उम्मीद है कि रिजर्व बैंक कहीं न कहीं प्रमुख ब्याज दर में कटौती करेगा। यह दूसरी छमाही यानी अक्तूबर से शुरू हो सकता है। उनके मुताबिक, जीएसटी को तीन दर रखनी चाहिए। अभी इसमें पांच दरें हैं। पेट्रोलियम उत्पादों, बिजली और रियल एस्टेट को जीएसटी के तहत लाया जाना चाहिए।

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