वोडाफोन आइडिया के शेयर ने एक महीने में दिया 26 पर्सेंट से ज्यादा रिटर्न

मुंबई- वोडाफोन आइडिया (VIL) के शेयर बुधवार को इंट्रा डे ट्रेड के दौरान 3 प्रतिशत बढ़कर 16.70 रुपये पर पहुंच गए, जो पिछले तीन महीनों का उच्चतम स्तर है। ऐसी उम्मीदें जताई जा रही हैं कि इससे कंपनी की अर्निंग में सुधार होगा। स्टॉक का यह स्तर 27 फरवरी, 2024 के बाद सबसे ऊंचा रहा।

कंपनी ने 1 जनवरी, 2024 को 52-सप्ताह का हाई लेवल-18.42 रुपये दर्ज किया था। पिछले छह कारोबारी दिनों में वोडाफोन आइडिया के शेयरों 26 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। पिछले दो कारोबारी दिनों (trading days) में, कंपनी के शेयरों में 6 फीसदी का इजाफा हुआ। इसकी वजह यह है कि टेलीकॉम के बोर्ड ने 13 जून, 2024 को होने वाली बैठक में इक्विटी शेयरों और/या वेंडर्स को प्रेफेरेंसियल बेसिस पर नॉन कनवर्टिबल सिक्योरिटीज के इश्यू जारी करने को लेकर विचार करने की योजना बनाई है।

हालिया उछाल के साथ, वोडाफोन आइडिया का स्टॉक अपने फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO) के 11 रुपये प्रति शेयर प्राइस के मुकाबले 51 फीसदी ज्यादा पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी ने अपने FPO के जरिये 18,000 करोड़ रुपये जुटाए थे। वोडाफोन आइडिया (Vi) ने प्रमोटर ग्रुप कंपनी को 1395.4 मिलियन इक्विटी शेयर 14.87 रुपये प्रति शेयर पर जारी कर 2,075 करोड़ रुपये भी जुटाए थे।

विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय टेलीकॉम सेक्टर को FY25 और FY26 में काफी ज्यादा टैरिफ में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जो बेहतर सब्सक्राइबर मिक्स के साथ वोडाफोन आइडिया सहित सभी कंपनियों के प्रति यूजर इवरेज रेवेन्यू (ARPU) में सुधार करने में मदद करेगा।

वोडाफोन आइडिया अगले तीन सालों में (FY27 तक) 50,000 करोड़ रुपये से 55,000 करोड़ रुपये की पूंजीगत खर्च (कैपेक्स) करने की योजना बना रहा है। यह निवेश 17 प्राथमिक सर्किलों में 4G कवरेज के विस्तार, प्रमुख क्षेत्रों में 5G लॉन्च और डेटा मांग को पूरा करने के लिए क्षमता विस्तार के लिए होगा।

पिछले महीने, ग्लोबल ब्रोकिंग फर्म UBS ने वोडाफोन आइडिया के स्टॉक को ‘बाय’ (Buy) रेटिंग में अपग्रेड किया था और टारगेट प्राइस (TP) 18 रुपये प्रति शेयर रखा था। UBS का मानना है कि अगले 12-24 महीनों में वोडाफोन आइडिया के लिए मोबाइल प्राइस में 15-20 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी।

नोमुरा के एनालिस्ट ने हाल ही में वोडाफोन आइडिया के स्टॉक को ‘न्यूट्रल’ (Neutral) रेटिंग में अपग्रेड किया था और कहा था कि कंपनी को अभी लंबा सफर तय करना है, लेकिन अब स्थिति सामान्य हो गई है और कंपनी भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो रही है।

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म ने अपने नोट में कहा, ARPU बढ़ोतरी की जरूरत पर सभी कंपनियों के एकजुट होने और इंडस्ट्री के 3-प्राइवेट कंपनी मार्केट के बीच में स्थापित होने से इंडस्ट्री के लिए आउटलुक में काफी सुधार हुआ है। बीएनपी पारिबास ( BNP Paribas) के अनुसार, ‘यह एयरटेल और Jio के बाजार हिस्सेदारी में वृद्धि को सीमित कर सकता है।

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