300 करोड़ रुपये की लालच में बहू ने एक करोड़ की सुपारी देकर कराई हत्या

मुंबई- महाराष्ट्र के नागपुर में दिनदहाड़े एक बुजुर्ग को तेज रफ्तार कार ने कुचल कर हत्या कर दिया। ड्राइवर पकड़ा जाता है और पुलिस इसे एक एक्सीडेंट मानकर जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लेती है। कुछ कागजी कार्रवाई के बाद ड्राइवर को जमानत पर छोड़ दिया जाता है।

हादसे में जिस बुजुर्ग की मौत होती है, वो कोई मामूली आदमी नहीं, बल्कि बिजनेसमैन है। नाम था- पुरुषोत्तम पुट्टेवार। हादसे वाले दिन पुरुषोत्तम अस्पताल में भर्ती अपनी पत्नी से मिलकर घर लौट रहे थे। अभी तक पुलिस और पुरुषोत्तम की फैमिली के लोग मान रहे थे कि ये एक हादसा है। लेकिन, तभी मामले में एक नया मोड़ आ जाता है।

दरअसल, मामले की तफ्तीश के दौरान हादसे वाली सड़क की एक सीसीटीवी फुटेज मिलती है। फुटेज को गहराई से देखा जाता है, तो पुलिसवालों का माथा ठनक जाता है। जिस कार से पुरुषोत्तम पुट्टेवार का एक्सीडेंट हुआ, फुटेज में वो कार संदिग्ध तरीके से पहले से खड़ी नजर आती है। इसकी जानकारी सीनियर पुलिस अधिकारियों को दी जाती है। अब मामले की गहराई से जांच के आदेश दे दिए जाते हैं। और करीब 15 दिन की तफ्तीश के बाद, जब सच्चाई सामने आती है, तो रिश्तों के कत्ल की एक भयानक कहानी से पर्दा उठ जाता है।

पुरुषोत्तम पुट्टेवार की मौत एक्सीडेंट नहीं, बल्कि एक सोची समझी साजिश के तहत उनका कत्ल किया गया था। ये साजिश थी 82 साल के पुरुषोत्तम की करीब 300 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी के लिए। और इस साजिश का सूत्रधार कोई और नहीं, बल्कि खुद पुरुषोत्तम की बहू यानी उनके बेटे की पत्नी अर्चना पुट्टेवार थी। शहर के टाउन प्लानिंग डिपार्टमेंट में अर्चना असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर है। नागपुर पुलिस के मुताबिक, अर्चना की नजर पुरुषोत्तम की सारी प्रॉपर्टी पर कब्जा करने की थी। इसके लिए वो दो बार पहले भी अपने ससुर की हत्या की साजिश रच चुकी थी।

पुलिस ने इस मामले में सुपारी के तौर पर दिए गए 17 लाख रुपये मूल्य का सोना, नकदी और कार बरामद कर लिया है। हालांकि, इस काम के लिए 1 करोड़ रुपए की सुपारी तय की गई थी। इसके अलावा कत्ल को अंजाम देने के बदले में एक आरोपी को बीयर बार के लिए जगह और लाइसेंस दिलाने का भी लालच दिया गया था। अर्चना ने इस काम के लिए कुछ लोगों को हायर किया और कहा कि एक्सीडेंट के लिए कोई पुरानी गाड़ी खरीदी जाए। प्लान के मुताबिक, पुरुषोत्तम की हत्या को पूरी तरह से हादसे में तब्दील करना था।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, 53 वर्षीय अर्चना ने इस काम को अंजाम देने के लिए अपने पति के ड्राइवर सार्थक बागड़े और दो अन्य आरोपियों- नीरज निमजे और सचिन धार्मिक के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। हालांकि, इन सभी की साजिश कामयाब होने से पहले ही पुलिस ने उनका पर्दाफाश कर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *