हल्दीराम के बिकने की योजना रद्द, अब कंपनी आईपीओ से जुटाएगी रकम

मुंबई- नमकीन और मिठाई बनाने वाली दिग्गज कंपनी हल्दीराम में हिस्सेदारी खरीदने के लिए दुनिया की कई कंपनियां लाइन में खड़ी हैं। हल्दीराम अब आईपीओ के जरिए पैसा जुटाने पर विचार कर सकती है।

अग्रवाल परिवार कंपनी के लिए 12 अरब डॉलर की वैल्यूएशन चाहता है लेकिन उसे आठ से 8.5 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर ऑफर मिले हैं। यही वजह है कि प्रमोटर फैमिली अब कंपनी का आईपीओ लाने पर विचार कर रही है। हल्दीराम में कंट्रोलिंग स्टेक खरीदने के लिए दुनिया की सबसे बड़ी प्राइवेट इक्विटी कंपनी ब्लैकस्टोन इंक (Blackstone Inc) की अगुवाई वाले कंसोर्टियम और टेमासेक होल्डिंग्स लिमिटेड (Temasek Holdings Ltd) तथा बेन कैपिटल (Bain Capital) ने पिछले महीने ऑफर दिया था। इसके लिए हल्दीराम की वैल्यूएशन 8 से 8.5 अरब डॉलर यानी 66,400 से 70,500 करोड़ रुपये आंकी गई थी।

सूत्रों के मुताबिक आईपीओ का विचार अभी शुरुआती दौर में है और अग्रवाल परिवार कुछ मोलभाव करके हिस्सेदारी बिक्री से ही काम चला सकता है। इस बारे में हल्दीराम के एक प्रतिनिधि ने टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया। हाल के दिनों में देश में प्राइमरी मार्केट में काफी तेजी देखी जा रही है। बाजार में तेजी के चलते इस साल अब तक आईपीओ के जरिए करीब 3.9 अरब डॉलर की रकम जुटाई जा चुकी है।

अगले दो महीने में दो दर्जन से अधिक कंपनियों के आईपीओ आने वाले हैं। इनके जरिए 30,000 करोड़ रुपये की रकम जुटाने का लक्ष्य है। हल्दीराम की वैल्यूएशन वित्त वर्ष 2022 में उसके कारोबार की बिक्री के मुताबिक लगभग 83,000 करोड़ रुपये है। हल्दीराम ब्रांड की शुरुआत 1937 में गंगा बिसन अग्रवाल ने की थी। आज इसका बिजनस 100 से अधिक देशों में फैला हुआ है। कंपनी 400 से अधिक तरह के फूड आइटम्स बेचती है। इनमें नमकीन, मिठाइयां, स्नैक्स, रेडी टु ईट फूड, फ्रोजन फूड, बिस्कुट, कनफेक्शनरी, रेडी टु ड्रिंक बेवरेजेज और पास्ता आदि शामिल हैं।

कंपनी भारत के बाहर भी कई देशों को एक्सपोर्ट करती है। इनमें यूरोप और अमेरिका के कई देश शामिल हैं। रिसर्च फर्म IMARC ग्रुप की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत का स्नैक्स बाजार 2023 में 42,694 करोड़ रुपये का था और 2032 तक इसके 95,521 करोड़ रुपये पहुंचने का अनुमान है। भारत के स्नैक्स और नमकीन मार्केट में हल्दीराम का मुख्य मुकाबला बालाजी वैफर्स, बीकानेरवाला फूड्स, आईटीसी, पार्ले प्रॉडक्ट्स और पेप्सिको आदि से है।

भारत के स्नैक फूड मार्केट में हल्दीराम की हिस्सेदारी 21% है जबकि पेप्सिको की हिस्सेदारी 15% है। इस मार्केट में करीब 3,000 छोटे और रीजनल प्लेयर्स की हिस्सेदारी 40% है। अग्रवाल परिवार की योजना अब स्नैक्स बिजनस का मर्जर करने और रेस्तरां चेन के लिए अलग कंपनी बनाने की है।

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