पीएलआई योजना से अगले चार सालों में 3-4 लाख करोड़ निवेश की उम्मीद

मुंबई- PLI योजना से अगले चार सालों में 3-4 लाख करोड़ रुपये का निवेश आने और 2 लाख नई नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। सेमीकंडक्टर, सौर ऊर्जा पैनल और दवा निर्माण से जुड़े सामान बनाने वाली कंपनियों को इस योजना से काफी मदद मिलने वाली है।

उम्मीद है कि आने वाले समय में प्राइवेट कंपनियां तेल, गैस, धातु, खनन, अस्पताल, स्वास्थ्य सेवा और सीमेंट जैसे क्षेत्रों में भी ज्यादा निवेश करेंगी। ये बात ICRA के कार्यकारी उपाध्यक्ष और मुख्य रेटिंग अधिकारी के रविचंद्रन ने कही है।

उन्होंने आगे कहा, PLI योजना से भले ही 3-4 लाख करोड़ रुपये का निवेश और 2 लाख नौकरियां आने की उम्मीद है, लेकिन प्राइवेट क्षेत्र के निवेश को रिकॉर्ड ऊंचाई पर ले जाने के लिए सरकार को कुछ टैक्स में रियायतें देनी होंगी ताकि लोगों के पास खर्च करने के लिए ज्यादा पैसा बच सके।

रविचंद्रन ने कहा, PLI योजना के तहत, हम अगले 3-4 वर्षों में 3-4 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश की उम्मीद कर रहे हैं। आने वाले समय में, सेमीकंडक्टर, सौर पैनल और दवा बनाने के लिए जरूरी सामान बनाने वाली कंपनियां ऐसे क्षेत्र हैं जहां बड़ी परियोजनाओं के शुरू होने की संभावना है जो पूंजी और रोजगार के लिहाज से काफी फायदेमंद हो सकती हैं। ये विभिन्न क्षेत्रों में 2 लाख नौकरियां पैदा करेंगी।

PLI योजना की घोषणा 2021 में 14 क्षेत्रों के लिए की गई थी, जिनमें दूरसंचार, घरेलू उपकरण, कपड़ा, चिकित्सा उपकरण निर्माण, ऑटोमोबाइल, विशेष स्टील, खाद्य उत्पाद, उच्च दक्षता वाले सौर पैनल, उन्नत रसायन सेल बैटरी, ड्रोन और दवा शामिल हैं, जिसके लिए कुल 1.97 लाख करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। नवंबर 2023 तक PLI योजना के तहत 1.03 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आ चुका है और 6 लाख 78 हजार से ज्यादा रोजगार पैदा हुए हैं।

अनेक उद्योगों में उत्पादन क्षमता का उपयोग पिछले काफी समय से 75 प्रतिशत के आसपास है, जो यह दर्शाता है कि मांग में सुधार प्राइवेट क्षेत्र के पूंजीगत व्यय में वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है। रविचंद्रन का कहना है कि सरकार द्वारा चालू वित्त वर्ष के लिए बजट में रखे गए 11.11 लाख करोड़ रुपये के सार्वजनिक क्षेत्र के पूंजीगत व्यय को बदलने की संभावना नहीं है।

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