खामियों को दूर करने के लिए बैंक आईटी पर ज्यादा करें निवेश- आरबीआई

मुंबई- RBI ने बैंकों को आउटेज यानी खामियों में कमी लाने के लिए अपने बिजनेस ग्रोथ और वॉल्यूम के अनुसार IT इंफ्रास्ट्रक्चर में पर्याप्त निवेश करने को कहा है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की मीटिंग के बाद शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने यह बात कही है।

शक्तिकांत दास ने कहा, ‘जब भी कोई टेक्निकल रुकावट आती है, तो समस्या NPCI और UPI में नहीं होती, बल्कि बैंकों की समस्याएं होती हैं। इसके कई कारण हैं, जिनसे हम निपट रहे हैं।’ हाल ही में RBI ने कोटक महिंद्रा बैंक के टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म पर सुपरवाइजरी कंसर्न का हवाला देते हुए ऑनलाइन और मोबाइल बैंकिंग चैनलों के माध्यम से नए ग्राहकों को जोड़ने और नए क्रेडिट कार्ड जारी करने पर रोक लगा दी थी।

RBI ने कोटक बैंक पर ये प्रतिबंध किसी भी संभावित लंबे समय तक रुकावट को रोकने के लिए लगाए हैं। रुकावटों से न केवल बैंक की अच्छी कस्टमर सर्विस प्रोवाइड करने की क्षमता पर, बल्कि डिजिटल बैंकिंग और पेमेंट सिस्टम्स के फाइनेंशियल इकोसिस्टम पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

हाल ही में ICICI बैंक ने घोषणा की है कि उसने इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और साइबर सिक्योरिटी पर अपने खर्च को काफी हद तक बढ़ा दिया है। बैंक ने इसे 2019 में टोटल ऑपरेटिंग एक्सपेंस के 5.6% से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2023-24 में 9.4% कर दिया है। ICICI बैंक को पिछले कुछ समय में आउटेज की कई घटनाओं का सामना करना पड़ा था।

चौथी तिमाही के रिजल्ट घोषित करने के बाद ICICI बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर संदीप बत्रा ने कहा, ‘IT रेसिलिएंस और कस्मर सिक्योरिटी हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है और यह किसी बजट की बाध्यता नहीं है।’ संदीप बत्रा ने कहा, ‘यह एक सतत प्रयास है और किसी भी बैंक में रुकावट और खामियां हो सकती हैं। हमारे पास क्विक रिकवरी और करेक्टिव एक्शंस लेने की क्षमता है और हम अपनी क्षमताओं को बेहतर बनाने पर फोकस करेंगे।

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